266 रुपए प्रति बोरे की यूरिया खाद 400 रुपए में बेचने का किसानों ने लगाया आरोप
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
फुलवारी शरीफ। पटना, फुलवारी शरीफ, संपतचक, जानीपुर, परसा बाजार, गौरीचक, बेलदारी चक एवं आसपास के इलाकों में खाद की कालाबाजारी से किसानों को रोपनी कार्य में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं कई गांव में खाद की भारी किल्लत भी है. किसानों को आसानी से अपने इलाके में खाद मिलना मुश्किल हो रहा है. बुधवार को जयपुर बाजार में स्थित खाद के दुकान में काला बाजारी में भी मांगे दाम पर खाद लेने के लिए किसानों को लंबे-लंबे लाइन में घंटा खड़ा रहना पड़ा. वहीं काला बाजार करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए कोई भी अधिकारी या जिम्मेदार लोग नजर नहीं आए।
किसानों ने आरोप लगाया है कि यूरिया खाद की सरकारी कीमत 266 रुपए प्रति बोरा होना चाहिए, लेकिन दुकानदारों के द्वारा यह किसानों को 400 रुपए प्रति बोरा उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा किसानों को जबरन कीटनाशक दवाई जिंक खरीदने को मजबूर किया जाता है जो किसान जिंक लेने से इनकार करते हैं उन्हें खाद नहीं दी जाती है. किसानों ने बताया कि खाद के अभाव में बहुत सारे किसानों ने अपनी रोपनी कार्य अभी तक शुरू भी नहीं किया है. जिन लोगों ने रोपनी कार्य शुरू किया है, खाद के अभाव में उनके खेतों में पटवन नहीं हो पा रही है।
इस मामले को लेकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी बालकृष्ण दास से बात करने पर उन्होंने बताया कि खाद की किल्लत यहां नहीं है. कालाबाजारी किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक किसी के द्वारा कोई शिकायत नहीं मिली है जब शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी. कृषि पदाधिकारी ने बताया की फुलवारी प्रखंड में उर्वरक के 22 विक्रेता है।