बिहार की धरती पर पहली बार हो रहा राष्ट्रीय अधिवेशन, जुटेंगे देशभर के प्रतिनिधि
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार की धरती पर आज एक ऐतिहासिक अवसर साकार होने जा रहा है। राष्ट्रीय युवा कसौंधन वैश्य महासभा के तत्वावधान में पहली बार बिहार में संगठन का दसवां स्थापना दिवस समारोह सह राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन रविवार को दाउदनगर स्थित संस्कार विद्या नॉलेज सिटी परिसर में संपन्न होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवी शामिल होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद, ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा, विधान पार्षद जीवन कुमार, मोरवा विधायक रणविजय साहू, संदेश विधायक राधा चरण साह तथा संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संतोष कसौंधन की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इसकी जानकारी देते हुए संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री आनंद प्रकाश ने बताया कि यह अधिवेशन समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में समाज की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने को लेकर व्यापक मंथन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य सुशील कुमार, जिला पार्षद श्वेता गुप्ता, नगर परिषद औरंगाबाद के अध्यक्ष उदय गुप्ता, नगर परिषद दाउदनगर की अध्यक्ष अंजली कुमारी, वैश्य चेतना समिति के अध्यक्ष इंजीनियर सुंदर साहू, कांग्रेस के प्रवक्ता ज्ञान रंजन तथा पारस हॉस्पिटल, पटना के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विकास कुमार शामिल होंगे।
राष्ट्रीय महामंत्री आनंद प्रकाश ने बताया कि अधिवेशन में विशेष रूप से कसौंधन समाज के युवाओं को संगठित करने, उन्हें शिक्षा, रोजगार, व्यापार और राजनीति में आगे लाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही समाज के लिए भावी कार्ययोजना तय की जाएगी।
गौरतलब है कि बिहार में कसौंधन समाज की आबादी लगभग पांच लाख है और सामाजिक के साथ-साथ राजनीतिक परिदृश्य में भी समाज की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका रही है। ऐसे में यह राष्ट्रीय अधिवेशन समाज की एकजुटता और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम को लेकर आयोजकों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है और बड़ी संख्या में समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कसौंधन समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है।