नवबिहार टाइम्स संवाददाता
ओबरा (औरंगाबाद)। ओबरा प्रखंड के महुआंव पंचायत के किसानों ने धान अधिप्राप्ति में आ रही समस्याओं को लेकर सहकारिता मंत्री से मुलाकात कर आवेदन सौंपा। किसानों शैलेंद्र कुमार, राकेश कुमार, सतीश कुमार और मनोज कुमार ने आवेदन के माध्यम से बताया कि सरकारी खरीद की व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण किसानों को मजबूरी में धान व्यापारियों और बिचौलियों के हाथ बेचना पड़ रहा है।
किसानों ने मंत्री को अवगत कराया कि महुआंव पैक्स डिफाल्टर घोषित है, जिसके कारण पंचायत में धान की अधिप्राप्ति नहीं हो पा रही है। इस स्थिति में किसान अपने धान को औने-पौने दाम पर बेचने को विवश हैं और बिचौलियों के चंगुल से बच नहीं पा रहे हैं। आवेदन में यह भी कहा गया कि स्थानीय प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी द्वारा महुआंव पंचायत को लगभग 12 किलोमीटर दूर सरसैली पंचायत के पैक्स से टैग कर दिया गया है। दूरी अधिक होने के कारण किसानों के लिए वहां धान ले जाना व्यावहारिक नहीं है, जिससे अधिप्राप्ति प्रभावित हो रही है।
किसानों का आरोप है कि बगल के पैक्स से टैगिंग नहीं कराई गई है और प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी की उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसानों ने बताया कि सरकारी दर पर धान की खरीद नहीं होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि महुआंव पंचायत को बगल के ओबरा पंचायत के पैक्स से टैग किया जाए, ताकि किसानों को धान की अधिप्राप्ति का लाभ मिल सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए किसान शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सहकारिता मंत्री को आवेदन के माध्यम से पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है। मंत्री की ओर से समस्या के समाधान को लेकर संतोषजनक आश्वासन दिया गया है।