नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में गुरूवार को बिहार विद्यापीठ के संस्थापक सदस्य और स्वतंत्रता सेनानी बाबू ब्रजकिशोर प्रसाद की जयंती गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े विद्वानों तथा गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम में बाबू ब्रजकिशोर प्रसाद की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे बिहार निर्माता होने के साथ राष्ट्रीय चेतना के प्रेरक स्तंभ थे। उन्होंने उनके विचारों और संघर्ष को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। इस अवसर पर बिहार विद्यापीठ के सचिव राणा अवधेश, निदेशक आर. बी. एन. सिन्हा, संयुक्त सचिव अवधेश के नारायण, जेपी संस्था के अध्यक्ष एम. पी. सिन्हा तथा महाविद्यालय की प्राचार्या पूनम वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने बाबू ब्रजकिशोर प्रसाद के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्रनिर्माण में उनके बहुआयामी योगदान पर प्रकाश डाला।
राणा अवधेश ने उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया, जबकि अवधेश के नारायण ने उनके सादे, सरल और प्रभावी व्यक्तित्व पर चर्चा की। एम. पी. सिन्हा ने अपने वक्तव्य में जेपी और बाबू ब्रजकिशोर प्रसाद के जीवन से जुड़े कई अल्पज्ञात पहलुओं को सामने रखते हुए ऐतिहासिक स्थलों को पुनर्जीवित कर राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा देने की आवश्यकता बताई। शिक्षा, संस्कृति एवं संग्रहालय की निदेशक मृदुला प्रकाश ने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए महिला चरखा समिति से अपने जुड़ाव को गौरवपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान बाबू ब्रजकिशोर प्रसाद की भूमिका पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
अतिथियों का स्वागत पूनम वर्मा ने किया। मंच संचालन चंद्रकांत आर्य ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में प्रतिमा कुमारी, रिंपल कुमारी, कमलेश कुमार, चंद्रकांत आर्य और कुमारी प्रेरणा की सक्रिय भूमिका रही।