हैदराबाद के टी-हब में लेटस इंस्पायर द्वारा बिहार विकास शिखर सम्मेलन आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हैदराबाद (तेलंगाना)। देश के प्रत्येक विकसित राज्य के पीछे बिहारी श्रमिकों और पेशेवरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह बातें तेलंगाना के मलकाजगिरी से सांसद ईटेला राजेंद्र ने रविवार को हैदराबाद के टी-हब में लेटस इंस्पायर द्वारा आयोजित बिहार विकास शिखर सम्मेलन 2026 के उद्घाटन अवसर पर कही।
सांसद ईटेला राजेंद्र ने कहा कि तेलंगाना के विकास में बिहारियों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार का विकसित होना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत की ओर तेजी से अग्रसर है और बिहार इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब समय आ गया है कि बिहार के विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कोविड काल के दौरान प्रवासी श्रमिकों की भूमिका और बिहार के ऐतिहासिक योगदान को भी रेखांकित किया।

सम्मेलन को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने लेटस इंस्पायर बिहार को नागरिकों द्वारा संचालित प्रेरणादायक आंदोलन बताते हुए कहा कि यह पहल बिहार के दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव रख रही है। उन्होंने व्यस्तता के कारण सम्मेलन में उपस्थित न हो पाने की बात कही।
लेटस इंस्पायर के प्रणेता एवं वरिष्ठ आईपीएस पदाधिकारी विकास वैभव ने बताया कि 22 मार्च 2021 को शुरू हुआ लेटस इंस्पायर बिहार अभियान वर्ष 2047 तक विकसित बिहार के निर्माण का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वर्तमान में इससे तीन लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के लिए किसी को बिहार छोड़ने की मजबूरी न हो।
उन्होंने बिहार की आर्थिक स्थिति, उद्यमिता की संभावनाओं और स्टार्टअप संस्कृति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अगले दो दशकों में बिहार को तेज विकास दर की आवश्यकता है, जिसके लिए नवाचार और जोखिम लेने की संस्कृति को अपनाना होगा। साथ ही उन्होंने भविष्य में बिहार के प्रत्येक जिले में टी-हब जैसे इनक्यूबेशन केंद्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर विधायक मिथिलेश तिवारी, डेहरी विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह एवं रत्नेश कुशवाहा ने बिहार सरकार की औद्योगिक नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि उद्योग, स्टार्टअप और कौशल आधारित रोजगार ही पलायन रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने राज्य में शिक्षा, सुशासन और निवेश के क्षेत्र में हो रहे सुधारों पर भी प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को गार्गी उत्कृष्ट सम्मान एवं विशिष्ट प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता को सराहा गया।
सम्मेलन का समापन स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कौशल विकास एवं सरकारी अवसरों पर आधारित पैनल चर्चाओं के साथ हुआ। राष्ट्रगान के साथ विकसित बिहार के निर्माण का सामूहिक संकल्प दोहराया गया। सम्मेलन में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभागार में मौजूद उत्साह और ऊर्जा इस बात का संकेत थी कि बिहार का विकास अब केवल राज्य का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का अहम हिस्सा बन चुका है।