नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में जिला जज पंचम न्यायधीश उमेश प्रसाद ने टंडवा थाना कांड संख्या- 30/20, एसटीआर- 29/21,396/24 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए दो अभियुक्त आनंद मेहता और शंकर मेहता बुधन बिगहा बेला मुंगिया टण्डवा को भादंवि धारा 302 में आजीवन कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। भादंवि धारा 323 में एक वर्ष की सज़ा सुनाई गई है।
दोनों अभियुक्तों को 06/01/26 को यमुना मेहता के हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया गया था। अभियुक्त आंनद मेहता घटना के समय से जेल में बंद हैं, अभियुक्त शंकर मेहता को 06/01/26 को दोषी ठहराये जाने के बाद बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था।
एपीपी शिवपूजन प्रजापति ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुल 17 गवाही हुई थी। वाद सूचक परमानंद कुमार बुधनबीगहा, बेला, मुंगिया टण्डवा ने 10/05/20 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि अभियुक्तों से सिसो के पेड़ का बांटवारा का विवाद था जिसको लेकर सुबह 08 बजे आरोपीयों के घर पर बेठक में सुचक परमानंद कुमार और उसके पिता यमुना मेहता गये। अभियुक्तों ने रड और लाठी से यमुना मेहता को तब तक मारा जब तक जान नहीं चली गई और सूचक भी बुरी तरह से घायल हो गया था। अभियुक्तों पर आरोप गठित 10/05/22 को हुई थी।