नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। कुटुंबा प्रखंड के घेऊरा गांव में मां दुर्गा नीलकंठ महादेव बजरंग बली मंदिर के प्रांगण 19 जनवरी से 27 जनवरी तक गुप्त नवरात्र पूजन एवं मां बगला मुखी हवनात्मक यज्ञ चल रहा है। यज्ञ पूजन सप्तम दिन मां दुर्गा के सप्तम स्वरूपों में मां कालरात्रि देवी का स्वरूप का पूजन हो रहा है।
मां बगलामुखी साधक कन्हैया पांडेय ने बताया कि गुप्त नवरात्रि का पूजन दशमहाविद्याओं की पूजा होती जिसमें से एक है माता बगला मुखी से जुड़ी एक पौराणिक कथा बेहद प्रचलित है जिसमें उन्होंने अपनी शक्ति से प्रलय रोका और राक्षसों की वाणी को स्तंभित कर दिया। माता बगला मुखी को पीतांबरा स्तंभन शक्ति और मौन विजय की अधिष्ठात्री माना जाता है।
तांत्रिक गुरु मां बगला मुखी कौलतंत्रा चार्य महंत माई महराज जी ने बताया कि शुद्ध सात्विक रूप में मां बगला मुखी संसार का कल्याण करने वाली देवी है बगला मुखी माता की पूजा शक्ति और विजय के लिए जानी पीतांबरा विद्या के नाम से विख्यात मां बगला मुखी की साधना प्रायः शत्रु भय से मुक्ति और वाक सिद्धि के लिए की जाती है। श्रृष्टि में यज्ञ एक अनादि महा अनुष्ठान है यज्ञ से देवी देवता मनुष्य अर्थात संसार के सभी प्राणियों का जन कल्याण होता है। अरुण मिश्रा ने बताया कि आर्थिक उन्नति धन लाभ, व्यापार में वृद्धि व्यवसाय में उन्नति बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
मौके पर अतिथि ब्रजेश कुमार सिंह, सुनील गुप्ता, विजय तिवारी, भोला मिश्रा, चंद्रेश मिश्रा, ग्रामीण सदस्य तालिका गिरी, लालमोह राम, गोबिंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।