नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष इंद्रदेव यादव के निधन पर गुरुवार को एक शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन महासचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने किया।
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि शोक सभा में सर्वप्रथम इंद्रदेव यादव के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता संघ ने एक अमूल्य धरोहर को खो दिया है। वे औरंगाबाद जिले के अधिवक्ता समाज के अभिभावक के रूप में जाने जाते थे।
वक्ताओं ने बताया कि इंद्रदेव यादव ने वर्ष 2011 से 2015 तक अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया था। वर्तमान में वे एपीपी के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 21 अप्रैल 1977 से वकालत की शुरुआत की थी। 74 वर्ष की आयु में इलाज के दौरान बनारस में उनका निधन हो गया। वक्ताओं ने कहा कि वे मानवता के प्रति कर्तव्यनिष्ठ और अपने पेशे के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। वे गांव-गांव जाकर पंचायती के माध्यम से विवादों का समाधान करते थे और युवा अधिवक्ताओं का लगातार हौसला बढ़ाते थे।
उनके निधन से पूरे अधिवक्ता समाज में शोक की लहर व्याप्त है। उनके पुत्र विजय कुमार जिज्ञासु भी अधिवक्ता हैं। शोक सभा में अधिवक्ता इबरार अहमद, देवेंद्र सिंह देव, प्रभात कुमार सिंह, यशवंत कुमार, अजीत कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, गिरिजेश नारायण सिंह, हरिलाल कुमार, प्रवीण कुमार, रामश्रय सिंह, राणा शिवम्, विनोद यादव, लालमोहन सिंह, सुरेंद्र मेहता, विनोद मालाकार, सत्येंद्र सिन्हा, मधुरेंद्र कुमार सिंह, पंकज पांडेय, रणजीत कुमार, गुडु जी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।