औरंगाबाद में आयोजित प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए पर्यटन तथा कला एवं संस्कृति मंत्री
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पौराणिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन तथा कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा है कि राज्यभर में कुल 287 महोत्सवों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इन महोत्सवों का उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करना है, बल्कि उन्हें जन-जन तक पहुंचाकर पर्यटन को नई गति देना भी है।
सोमवार को औरंगाबाद में नवबिहार टाइम्स संवाददाता से विशेष बातचीत में मंत्री ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से 252 महोत्सव आयोजित किए जाते हैं, जबकि पर्यटन विभाग द्वारा 35 प्रमुख महोत्सवों का आयोजन किया जाता है। इन सभी आयोजनों को समन्वित रूप से आयोजित कर राज्य के हर क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को सामने लाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इन महोत्सवों के माध्यम से बिहार के ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक केंद्रों और सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें डिजिटल प्रचार, सांस्कृतिक रोड शो और पर्यटन पैकेज शामिल होंगे।
स्थानीय कलाकारों को लेकर मंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि यह महोत्सव उनके लिए एक सुनहरा अवसर साबित होता है। लोक कलाकार, शिल्पकार, गायन-वादन और नृत्य से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को बड़े मंच पर प्रस्तुति का मौका मिलता है, जिससे उनकी कला को पहचान और सम्मान मिलता है। सरकार इस दिशा में ठोस नीति बनाकर कलाकारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने की दिशा में भी काम कर रही है।
आयोजन प्रणाली में पारदर्शिता लाने की बात करते हुए अरुण शंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि किसी एक संस्था या कंपनी को बार-बार महोत्सवों का जिम्मा देना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि चयन प्रक्रिया में बदलाव कर अधिक संस्थाओं को अवसर दिया जाएगा, जिससे प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी। इसके लिए विभाग जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी करेगा।
राजनीतिक परिदृश्य पर भी मंत्री ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से ही होगा, चाहे वह भाजपा का हो या जदयू का। उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पूर्व मंत्री ने औरंगाबाद के एमजी रोड स्थित होटल शुभम इंटरनेशनल में भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से संवाद करते हुए सरकार की योजनाओं और सांस्कृतिक पहलों पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि 287 महोत्सवों का यह व्यापक आयोजन बिहार की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा देगा। आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी, जिला प्रभारी मनोज कुशवाहा, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अनिल कुमार सिंह, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, अनीता सिंह, रंजीत कुशवाहा, दीपक कुमार, मन की बात प्रभारी दीपक कुमार सिंह, जिला मंत्री सुमन अग्रवाल, गुडिया सिंह, राकेश देवता, मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा, जितेंद्र गुप्ता, अभिषेक कुमार वसु, ऋषि राज, विनोद सिंह, अनिल कुमार, अमर उजाला, रघुनाथ राम, पिंटू तिवारी, युगल किशोर सिंह, टुनटुन सिंह, उपेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।