नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। दाउदनगर शहर में होमियोपैथी चिकित्सा के जनक डॉ. सैमुअल क्रिश्चियन्स फ्रेड्रिक हैनिमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर गरीबों एवं जरूरतमंदों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा सेवा का आयोजन किया गया। यह सेवा प्रत्येक रविवार को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
इस अवसर पर सुपर स्पेशियलिटी एवं एडवांस होमियोपैथिक रिसर्च क्लिनिक ‘लाइफ लाइन’ के निदेशक एवं विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज कुमार ने होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पद्धति सुरक्षित, सरल और प्रभावी है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित लोगों के लिए यह पहल बेहद लाभकारी है।
कार्यक्रम में डॉ. कमलेश सिंह ने कहा कि होमियोपैथी विश्व की प्राचीन एवं उत्कृष्ट चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, जो सस्ती और सुलभ होने के साथ असाध्य रोगों में भी कारगर साबित होती है। वहीं डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि विदेशों में इस पद्धति का व्यापक उपयोग हो रहा है और भारत में भी इसके प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। डॉ. सत्येंद्र ने कहा कि होमियोपैथी रोग को दबाने के बजाय जड़ से समाप्त करने का प्रयास करती है।
इस अवसर पर विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता, सीईओ आनंद प्रकाश, विद्यासागर, विनय प्रकाश, केसीआई के निदेशक मदन कुमार सहित डॉ. अशोक कुमार, डॉ. राजेश कुमार, हर्षित पल्लव, अंश पल्लव, दिव्य प्रकाश, आदित्य प्रकाश, विक्रम प्रकाश, सुधीर कुमार और सुजीत राज सहित कई लोग उपस्थित रहे।
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से गरीब एवं असहाय लोगों का नि:शुल्क इलाज लगातार किया जा रहा है। शुक बाजार स्थित देवी मंदिर में कैंसर, थायराइड, गठिया, किडनी, स्त्री रोग, बाल झड़ने एवं अन्य पुरानी बीमारियों का उपचार नि:शुल्क किया जाता है।