नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए एनडीए ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस सीट पर अब मुकाबला सिर्फ चुनावी जीत-हार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे जदयू की प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के राजनीतिक नेतृत्व की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। 13 अक्टूबर से निशांत कुमार समेत एनडीए के घटक दलों के बड़े नेता चुनाव प्रचार में उतरेंगे। बिहारशरीफ और नवादा में एनडीए नेताओं के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
नीरज कुमार के समर्थन में निशांत कुमार की सक्रियता को मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए भी एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध करते हुए जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन दिया है। ऐसे में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र एनडीए के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए एनडीए के घटक दल एकजुट होकर प्रचार करेंगे। 13 अक्टूबर से चुनावी अभियान को धार देने की तैयारी है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे।
एनडीए नेताओं की इस सक्रियता के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। जदयू सूत्रों के मुताबिक, नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित कर निशांत कुमार अनंत सिंह को बड़ा संदेश देना चाहते हैं। पार्टी के भीतर इस बात पर भी नजर है कि चुनाव के नतीजों के बाद अनंत सिंह के रुख को लेकर क्या फैसला लिया जाता है। हालांकि, अनंत सिंह के खिलाफ किसी संभावित कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस बीच, जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। प्रशांत किशोर की ओर से कथित तौर पर दी गई चुनौती और नीतीश कुमार का वीडियो जारी करने की मांग पर नीरज कुमार ने जवाब दिया है। नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘कौन किस शब्द का इस्तेमाल करता है, यह उसका अपना शब्द हो सकता है। हमारा कहना है कि जिस व्यक्ति को क्लाइमेट लीडर बनाया गया, उनके बारे में इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए।’
नीरज कुमार ने नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उस दौर से उनके साथ रहे हैं, जब नीतीश कुमार रिक्शे पर चलते थे। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के बयानों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। प्रशांत किशोर की उस चुनौती पर भी नीरज कुमार ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि यदि नीरज कुमार नीतीश कुमार का वीडियो जारी कर दें, तो जनसुराज अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा। इस पर नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को वीडियो जारी करने की कोई जरूरत नहीं है। उनका आशीर्वाद उन्हें प्राप्त है और यही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। नीरज कुमार ने कहा कि कोई कुछ भी कहे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नीतीश कुमार हमेशा उनके साथ हैं और उनका आशीर्वाद ही उनके लिए सबकुछ है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार के सामने राजनीतिक चुनौती इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि मोकामा विधायक अनंत सिंह खुलकर उनके विरोध में उतर चुके हैं। अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। इससे एनडीए के भीतर एकजुटता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में निशांत कुमार और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं का नीरज कुमार के समर्थन में एक साथ चुनाव प्रचार करना अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि एनडीए का संयुक्त अभियान नीरज कुमार के पक्ष में कितना प्रभाव डालता है और चुनाव के नतीजे अनंत सिंह तथा जदयू के रिश्तों की दिशा को किस तरह प्रभावित करते हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव अब केवल एक विधान परिषद सीट की लड़ाई नहीं रह गया है। इसके नतीजों को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत, निशांत कुमार की नेतृत्व क्षमता और जदयू के भीतर अनुशासन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।