बेताब अहमद
मुंबई/बेगूसराय। बॉलीवुड के गलियारों को दहलाने वाली टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल हमले के तार अब सीधे अंडरवर्ल्ड और बिहार के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ते दिख रहे हैं। मुंबई की एक अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी, बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक कुमार उर्फ रोशन समेत तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
सलमान खान थे असली टारगेट
जांच की सबसे सनसनीखेज कड़ी यह सामने आ रही है कि बिश्नोई गैंग के निशाने पर पहले सुपरस्टार सलमान खान थे। अनिल पंडित के इशारे पर काम कर रहे इन गुर्गों ने सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास की रेकी भी कर ली थी। लेकिन भाईजान के घर की अभेद्य सुरक्षा को देखकर शूटरों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने ऐन वक्त पर अपना इरादा बदल दिया। सलमान पर दांव खाली जाता देख, साजिशकर्ताओं ने अपना रुख बदला और एक्टर टाइगर श्रॉफ को सॉफ्ट टारगेट बनाया।
बेगूसराय कनेक्शन और 10 गिरफ्तारियां
इस मामले में मुंबई पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। 21 अक्टूबर को हुई दो नई गिरफ्तारियों के बाद अब तक कुल 10 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। मुख्य शूटर रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और ऋतिक कुमार (बेगूसराय)। मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित सदस्य अनिल पंडित, जिसके इशारे पर यह पूरी साजिश रची गई।
पुलिस के सामने अब भी कई अनसुलझे सवाल
अदालत ने पुलिस को 31 अक्टूबर तक का वक्त दिया है ताकि इस गहरी साजिश की हर परत को उधेड़ा जा सके। हालांकि, पुलिस अधिकारी अभी आधिकारिक तौर पर सलमान खान की रेकी वाले दावे पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस के सामने अब सबसे बड़े सवाल यह हैं कि इस गोलीबारी के पीछे का असली मकसद क्या था? क्या टाइगर श्रॉफ सिर्फ एक चेतावनी थे या इसके पीछे रंगदारी का कोई बड़ा खेल है? बिहार से लेकर मुंबई तक फैले इस सिंडिकेट में और कौन-से सफेदपोश चेहरे शामिल हैं? आने वाले दिनों में रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कई और काले राज खोल सकती है।