नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। एक सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। औरंगाबाद के गैनी गांव के निवासी और जनरल स्टोर संचालक संतोष कुमार (40 वर्ष) की अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर से ‘जल्दी लौटने’ का वादा करके निकले संतोष का शव जब अस्पताल पहुंचा, तो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद परिजनों की चीख-पुकार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। शाम को जिस फोन की घंटी का इंतजार पिता को था, उसी फोन के टूटे सिम कार्ड से मिली पुलिस की एक मनहूस खबर ने एक पूरे परिवार का संसार उजाड़ दिया।
औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के तरारी पुल के पास बुधवार की देर शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार जनरल स्टोर संचालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान खुदवां थाना क्षेत्र के गैनी गांव निवासी बलराम सिंह के 40 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है। हादसे में संतोष के सिर में गंभीर चोट लगी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। संतोष की मौत से दो बेटियों और एक बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया।
मिली जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार अपने पैतृक गांव गैनी में जनरल स्टोर चलाते थे। बुधवार को वे दाउदनगर के प्रमोद सिंह चौक के समीप स्थित एक बीज भंडार में अपने दोस्त से मिलने आए थे। वहां से बाइक से घर लौटने के दौरान तरारी पुल के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि संतोष के सिर में गहरी चोट लगी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल संतोष को अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों के अनुसार, संतोष ने अपने पिता बलराम सिंह को दाउदनगर के बीज भंडार से दवा लाने जाने की जानकारी दी थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे से उनके पिता लगातार फोन कर घर लौटने के बारे में पूछ रहे थे। बातचीत के दौरान संतोष ने जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। हालांकि, शाम करीब साढ़े सात बजे जब पिता ने दोबारा फोन किया तो संतोष ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद परिजन परेशान हो गए। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि घर लौटने के दौरान संतोष सड़क हादसे का शिकार हो चुके हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर दाउदनगर थाने की गश्ती पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस पदाधिकारी अशरफी लाल पासवान को घटनास्थल पर संतोष का टूटा हुआ मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर दूसरे फोन में लगाया। इसी दौरान एक ग्राहक का फोन आया। पुलिस ने ग्राहक के माध्यम से संतोष के परिजनों तक हादसे की सूचना पहुंचाई। जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। वहां संतोष का शव देखते ही परिजन रोने-बिलखने लगे।
संतोष कुमार अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए गैनी गांव में जनरल स्टोर चलाते थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। पिता बलराम सिंह की रेपुरा में हार्डवेयर की दुकान है। संतोष की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही गैनी गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। इधर, घटना की सूचना पर पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार, अनिल कुमार और एसआइ प्रेम रौशन भी अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। एसआइ प्रेम रौशन कुमार ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद नगर पर्षद के शव वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।