15 मार्च तक औरंगाबाद को मिलेगा नया जिलाध्यक्ष, संगठन सृजन अभियान तेज
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बिहार चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। सोमवार को नवबिहार टाइम्स से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में हुए चुनाव के दौरान “10 हजार वाली योजना” के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित कर वोट खरीदने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियों का सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ा और पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले से ही वोटों की कथित चोरी और अनियमितताओं को लेकर सतर्क थी। कार्यकर्ताओं को अलर्ट मोड में रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यदि चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार में कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कमजोर रही है, जिसका प्रभाव चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा। इसी कमजोरी को दूर करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा “संगठन सृजन अभियान” चलाया जा रहा है। यह अभियान अहमदाबाद से शुरू होकर अब बिहार में सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। श्री ठाकुर ने बताया कि 1 मार्च तक अभियान का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और 6 मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीर्ष नेतृत्व को भेज दी जाएगी।
श्री ठाकुर ने कहा कि 15 मार्च तक औरंगाबाद जिले को नया जिलाध्यक्ष मिल जाएगा। यह नियुक्ति संगठन में नई ऊर्जा और नई दिशा देने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ना, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाना और युवाओं को जिम्मेदारी देना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी कवायद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर चल रही है। शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में संगठन को पुनर्गठित किए बिना भविष्य की राजनीतिक रणनीति सफल नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस अधिक आक्रामक रणनीति के साथ जनता के बीच जाएगी। संगठन सृजन अभियान के जरिए पंचायत से लेकर जिला स्तर तक नई टीम तैयार की जा रही है। अब सबकी निगाहें 15 मार्च पर टिकी हैं, जब औरंगाबाद को नया जिलाध्यक्ष मिलने की घोषणा हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि संगठन सृजन अभियान बिहार में कांग्रेस को कितनी मजबूती दे पाता है।