नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढी। मसौढी प्रखंड के चरमा पंचायत स्थित वार्ड नंबर 12 में एक चापाकल के सहारे डेढ़ सौ परिवार है जहाँ रोजाना पानी लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों में रमेश मांझी ने बताया कि पिछले कई महीनो से हमारे घर के सामने चापाकल खराब पड़ा हुआ है। बनाने के लिए कई बार पंचायत के मुखिया, वार्ड को बोला गया लेकिन आज तक चापाकल नहीं बन पाया है, नतीजन बगल की चापाकल से पूरा गांव पानी ले रहा है, वहीं पंचायत के मुखिया बलबीर चौधरी ने कहा कि खराब पड़े हुए चापाकल बनवाने के लिए कई बार पीएचडी के जेईई को फोन लगाया गया लेकिन उसका मोबाइल बंद रहता है।
ऐसे में ग्रामीणों के बीच स्थानीय प्रशासन के प्रति गुस्सा भी पनपता हुआ दिख रहा है। जिसमें सुनीता देवी, आरती कुमारी, लालती देवी, गीता देवी, अरविंद माझी, मंजू देवी आदि लोगों ने सरकार से खराब पड़े हुए चापाकल को बनाने की मांग की है, हालांकि सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कारवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारी को खराब चापाकल को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पीएचडी विभाग को मसौढ़ी प्रखंड के सभी महादलित टोलो में खराब पड़े हुए चापाकल को समय रहते दुरुस्त करने के लिए भी निर्देशित किया है।