बाल विवाह उन्मूलन–2025 के अंतर्गत एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। तस्करी एवं व्यावसायिक शोषण का शिकार योजना–2015 सहायता एवं कार्रवाई तथा बाल विवाह उन्मूलन–2025 के अंतर्गत एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन अनुग्रह कन्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, गयाजी में किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक के दिशा-निर्देशानुसार किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास के कुशल मार्गदर्शन एवं देखरेख में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को मानव तस्करी, व्यावसायिक शोषण तथा बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना तथा उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान पैनल लॉयर राजेंद्र प्रसाद, अधिवक्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए विस्तारपूर्वक विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी एवं व्यावसायिक शोषण समाज की गंभीर समस्याएँ हैं, जिनका शिकार विशेष रूप से महिलाएँ और बच्चे होते हैं। तस्करी केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जबरन श्रम, घरेलू काम, बाल श्रम, यौन शोषण तथा अवैध गतिविधियों में धकेलना भी शामिल है।
राजेंद्र प्रसाद ने तस्करी एवं व्यावसायिक शोषण का शिकार योजना–2015 के अंतर्गत पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता, पुनर्वास, मुआवजा, चिकित्सा सुविधा तथा परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है और उनके अधिकारों की रक्षा की जाती है। इसके साथ ही बाल विवाह उन्मूलन–2025 अभियान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में भी बाधक है। बाल विवाह से शिक्षा बाधित होती है और लड़कियाँ कई प्रकार की स्वास्थ्य एवं सामाजिक समस्याओं का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों तथा इसके अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी भी छात्राओं को दी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि वे या उनके आसपास कोई बाल विवाह, तस्करी या शोषण की घटना देखें तो तुरंत इसकी सूचना विधिक सेवा प्राधिकार, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासन को दें। अंत में उपस्थित छात्राओं ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह कार्यक्रम समाज में कानूनी जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
मौके पर विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार, जिला विधिक के अनिल कुमार जुल्फिकार, विद्यालय प्रशिक्षक राजेश कुमार, कन्हैया साव सहित दर्जनों की संख्या में छात्राएं मौजूद रहे।