औरंगाबाद में पर्यावरण योजनाओं की समीक्षा, मंत्री ने किया जैव विविधता उद्यान का किया निरीक्षण
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार ने गुरुवार को औरंगाबाद जिला के भ्रमण के दौरान औरंगाबाद वन प्रमण्डल के कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर वन प्रमण्डल पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में वन प्रमण्डल पदाधिकारी ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औरंगाबाद वन प्रमण्डल द्वारा वन भूमि पर 510 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 6 लाख 27 हजार पौधों का पौधारोपण किया गया है। उन्होंने बताया कि हरित आच्छादन बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया गया।
इसके अतिरिक्त औरंगाबाद एवं अरवल जिले में जीविका दीदियों तथा कृषकों के माध्यम से मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना के अंतर्गत कुल 16 यूनिट स्थापित किए गए हैं। इन पौधशालाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पौध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं और किसानों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में औरंगाबाद जिले में जीविका दीदियों को 2,29,129 पौधे तथा अरवल जिले में 74,000 पौधों का वितरण किया गया है। इसके अलावा कृषकों, अन्य सरकारी संस्थाओं, सीएपीएफ कैंप, एनजीओ एवं अन्य गैर-सरकारी संस्थानों को भी पौधों का वितरण किया गया, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्र में हरियाली का विस्तार हो सके।
समीक्षा बैठक के उपरांत मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने औरंगाबाद वन प्रमण्डल के देव प्रखंड अंतर्गत भरकुड़ स्थित जैव विविधता उद्यान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्यान में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और उनकी देखरेख पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि लगाए गए पौधे पूर्ण रूप से विकसित होकर पर्यावरण संतुलन में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें जनभागीदारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।