भीषण गर्मी से बचाव को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आपदा प्रबंधन विभाग अंतर्गत ग्रीष्मकालीन तैयारी के क्रम में संभावित लू (Heat Wave) एवं भीषण गर्मी से बचाव को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ग्रीष्म ऋतु के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित आपदाओं जैसे लू, सुखाड़, अग्निकांड तथा पेयजल संकट से निपटने हेतु विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा बताया कि ग्रीष्मकाल प्रारम्भ होने वाला है। भीषण गर्मी एवं लू (Heatwaves) के कारण जन-जीवन प्रभावित होता है। स्वास्थ्य एवं पेय जल संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं दिहाड़ी मजदूरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पेय जल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि राज्य सरकार के विभागों के द्वारा आम जनों को भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु कारगर उपाय एवं कार्रवाई की जाए।
सभी कार्यपालक पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता के संबंध में बिंदुवार जानकारी ली गई तथा आवश्यकता अनुसार टैंकर, वाटर एटीएम एवं प्याऊ के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। शहरी क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों, स्लम क्षेत्रों एवं आश्रय स्थलों में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, खराब चापाकलों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने तथा आवश्यकता अनुसार डीप बोरिंग एवं पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति करने का निर्देश दिया गया।
नगर परिषद, औरंगाबाद द्वारा अवगत कराया गया कि जल संकट की स्थिति में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाती है तथा आवश्यकतानुसार टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। नगर परिषद में 13 टैंकर उपलब्ध हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टैंकर किराये पर लिए जाएंगे। साथ ही गांधी मैदान स्थित निर्माणाधीन आश्रय स्थल को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
नगर पंचायत, नबीनगर द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में 33 नल-जल योजना, 12 चापाकल, 02 टैंकर, 28 प्याऊ, 14 आरओ फिल्टर एवं 01 स्प्रिंकलर मशीन के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
नगर पंचायत, देव द्वारा जानकारी दी गई कि 11 वार्डों के 18 स्थानों पर स्टैंड पोस्ट प्याऊ संचालित हैं तथा 154 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है। आवश्यकता अनुसार प्रमुख स्थलों पर पेयजल स्टॉल एवं टैंकर की व्यवस्था भी की जाएगी।
नगर पंचायत, बारूण द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में 01 टैंकर, 18 प्याऊ चालू अवस्था में हैं तथा 03 स्थानों पर अस्थायी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
नगर पंचायत, रफीगंज द्वारा अवगत कराया गया कि 07 अस्थायी प्याऊ संचालित हैं एवं 03 अन्य स्थलों पर प्याऊ प्रारंभ करने की तैयारी है। 03 टैंकर तथा 60 स्टैंड पोस्ट प्याऊ के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी द्वारा बताया गया कि जिले में 1940 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध 370 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है। प्रत्येक प्रखंड में दो चलंत मरम्मत दल कार्यरत हैं।
उप विकास आयुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी खराब चापाकलों की मरम्मत 15 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए तथा जहां नल-जल उपलब्ध नहीं है वहां टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें पर्याप्त दवाइयां, ओआरएस घोल, पेयजल, ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति तथा ओपीडी में एसी एवं कूलर की व्यवस्था शामिल है। सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि लू से बचाव हेतु जिले के सभी प्रखंडों में 5-5 बेड तथा सदर अस्पताल, औरंगाबाद में 20 बेड सहित कुल 96 बेड तैयार किए गए हैं तथा 8 लाख ओआरएस पैकेट उपलब्ध हैं।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों का संचालन विभागीय निर्देशानुसार प्रातःकालीन पाली में किया जाए तथा विद्यालयों में पेयजल एवं ओआरएस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आईसीडीएस विभाग को आंगनवाड़ी केंद्रों पर पेयजल एवं ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पशुपालन एवं मत्स्य विभाग को पशुओं हेतु दवा एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्थलों पर जल संचयन की व्यवस्था करने तथा मोबाइल वैन के माध्यम से पशु चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं जर्जर तारों को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया, ताकि शॉर्ट सर्किट से होने वाली घटनाओं को रोका जा सके।
श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि भीषण गर्मी के दौरान श्रमिकों के कार्य समय को प्रातः 6:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा अपराह्न 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित किया जाए तथा कार्यस्थलों पर पेयजल, शेड एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि संभावित लू, सुखाड़, अग्निकांड एवं पेयजल संकट से निपटने हेतु आपसी समन्वय स्थापित करते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनुपालन सुनिश्चित करें तथा आमजन को लू से बचाव के उपायों के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।
बैठक में सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला आपदा प्रभारी, डीपीओ आईसीडीएस, डीपीएम स्वास्थ्य, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी एवं विद्युत, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी जुड़े रहे।