नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
भागलपुर। भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले अति-महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बंद होने के बाद गंगा पार करने के लिए जलमार्ग एकमात्र प्रमुख सहारा बन गया है। पुल बंद होने से जहाजों पर यात्रियों और दोपहिया वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। बीते तीन दिनों के आधिकारिक प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, गंगा में जहाजों के जरिए प्रतिदिन औसतन 52 हजार यात्री और 4,300 मोटरसाइकिलें नदी के आर-पार हो रही हैं। यात्रियों की सुचारु और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन लगभग 15 फेरी (Trips) लगाई जा रही हैं। इस पूरी आपातकालीन परिवहन व्यवस्था में लगातार 6 से 7 जहाजों का परिचालन किया जा रहा है।
तीन दिनों में 1.56 लाख यात्रियों ने पार की गंगा
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के. परीक्षित ने बताया कि विक्रमशिला पुल पर परिचालन अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद दियारा और दोनों तटों के लोगों के लिए जहाज ही आवागमन का सबसे भरोसेमंद साधन बने हुए हैं। प्रतिदिन करीब 52 हजार यात्रियों के हिसाब से महज तीन दिनों के भीतर लगभग 1.56 लाख यात्री और 12,900 मोटरसाइकिलें जहाजों के माध्यम से गंगा पार कर चुके हैं। वहीं, तीन दिनों में कुल मिलाकर करीब 45 फेरियां पूरी की गई हैं।
आवश्यकतानुसार बढ़ाए जाएंगे जहाजों के फेरे
एसडीएम के. परीक्षित ने स्पष्ट किया कि घाटों पर यात्रियों की भीड़ और दबाव का लगातार आकलन किया जा रहा है। स्थिति और आवश्यकता के अनुसार जहाजों की फेरियां घटाई या बढ़ाई जा रही हैं, ताकि किसी भी यात्री को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और न ही घाटों पर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो। पुल पर परिचालन ठप रहने के कारण छात्र-छात्राओं, दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों और मरीजों की निर्भरता पूरी तरह जहाज सेवा पर टिकी हुई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए नियमित परिचालन जारी रखा गया है।
3 दिनों का यात्रा व परिचालन आंकड़ा
विवरण / श्रेणी दैनिक औसत 3 दिनों का कुल आंकड़ा किस प्रकार है।यात्रियों की संख्या 52,000 – 1,56,000, मोटरसाइकिलों की संख्या 4,300 – 12,900 एवं कुल फेरियां 15 फेरी से 45 फेरी, सक्रिय जहाजों की संख्या 06 से 07 06 से 07 है। “विक्रमशिला पुल पर परिचालन बंद होने से गंगा पार करने के लिए जहाज महत्वपूर्ण साधन बने हुए हैं। यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए 6-7 जहाजों का परिचालन कराया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से जहाजों की फेरी बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।”