नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
नई दिल्ली/पटना। दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर लाल हॉल में बुधवार को आयोजित बिहार गौरव महोत्सव 2026 में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिहार की गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों ने पूरे विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया है। साथ ही भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और सम्राट अशोक की धरोहरों को बिहार की वैश्विक पहचान का आधार बताया।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में डॉ. राजेंद्र प्रसाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए मधुबनी पेंटिंग, भोजपुरी, मैथिली और मगही भाषाओं को देश की एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी करते हैं।
युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि आज बिहार के छात्र-छात्राएं देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में करें, तभी देश आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकेगा।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने आयोजकों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि “बिहार गौरव महोत्सव” आने वाले समय में और भी भव्य रूप में आयोजित होगा।