नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने आज अपराह्न पांच बजे अपने कार्यालय कक्ष में शून्यकाल को ऑनलाइन करने को लेकर सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारियों और नेवा टीम के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शून्यकाल की वर्तमान प्रक्रिया से सदस्यों को हो रही असुविधा पर विस्तार से चर्चा हुई। शून्यकाल के दौरान सदस्य बिना पूर्व सूचना के तात्कालिक जनहित और लोक महत्व के मुद्दे उठाते हैं,जिनकी अनुमति अध्यक्ष द्वारा दी जाती है। अभी सदस्यों को शून्यकाल की सूचना सुबह नौ से दस बजे के बीच देनी होती है,जिससे सत्र शुरू होने से पहले उन्हें विधान सभा आना पड़ता है।
सदस्यों की इस कठिनाई को दूर करने के उद्देश्य से अध्यक्ष ने नेवा टीम को निर्देश दिया कि सोमवार, 23 फरवरी 2026 से शून्यकाल की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी जाए। नई व्यवस्था के तहत सदस्य शून्यकाल में उठाए जाने वाले मुद्दे को अधिकतम पचास शब्दों में यूनिकोड फ़ॉन्ट में नेवा पोर्टल पर दर्ज करेंगे। सुबह नौ बजे से दस बजे तक नेवा पोर्टल पर भेजें बटन सक्रिय रहेगा, जिससे शून्यकाल की सूचना ऑनलाइन नोटिस के रूप में विधान सभा के पोर्टल पर प्रदर्शित होगी।
यह सूचना अनुमोदन के लिए अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।नई ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी सदस्यों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए अध्यक्ष ने नेवा टीम को निर्देश दिया कि 19 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक विभिन्न बैचों में सदस्यों के निजी सहायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
बैठक में बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव ख्याति सिंह, नेवा टीम के सदस्य तथा विधानसभा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।