नवबिहार टाइम्स संवाददाता
औरंगाबाद। लापरवाही से एक मरीज का ऑपरेशन करने पर डॉक्टर की पत्नी को 45000 रुपए का मुआवजा देना पड़ा। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि जिला उपभोक्ता अदालत के वाद संख्या-38/08 में आवेदिका रूणा देवी रामपुरचाई करपी अरवल ने आरोप डाक्टर पर लगाया था कि डॉ मो परवेज अख्तर चर्च के पास दाउदनगर ने 24/04/08 को लापरवाही से बिना वरिष्ठ डाक्टर के परामर्श के पेट फाड़कर आपरेशन कर दिया। 4/05/08 तक अपने ही क्लिनिक में भर्ती रखने के बाद रेफर का पुर्जा दे दिया जिसमें लिखा था कि पथरी फसी हुई है जिसके कारण नहीं निकाला जा सका, इसलिए इंदिरा गांधी चिकित्सा विज्ञान संस्थान पटना रेफर किया जाता है।
आवेदिका ने 18000 आपरेशन खर्च राशि और शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न के लिए 1.5 लाख मुआवजा हेतु जिला उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दर्ज कराई थी। जिला उपभोक्ता अदालत के सदस्य बद्रीनारायण सिंह ने बताया कि अदालत ने आवेदिका के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए डाक्टर को आदेश दिया था कि 35 दिनों के अंदर 20 हजार मुआवजा और 13 हजार उपचार राशि वापस करें अन्यथा 9% ब्याज भी लगेगा।
विपक्षी डा मो परवेज अख्तर की 21/04/21 को मुत्यु हो गई, उनकी पत्नी निकहत अफरीन ने जिला उपभोक्ता अदालत के आदेश के विरूद्ध अपील राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पटना में की जिसे राज्य उपभोक्ता अदालत ने यह कहते हुए खारीज कर दिया कि आधुनिक सुविधाओं से लैस हुए बिना जटिल आपरेशन क्यों। इसके बाद डॉक्टर की पत्नी ने आवेदिका रूणा देवी को 45000 रूपए का चेक जिला उपभोक्ता अदालत औरंगाबाद में प्रदान की।