भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर औरंगाबाद में कार्यक्रम, नेताओं ने गिनाईं उपलब्धियां
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर औरंगाबाद जिले में जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह चंद्रवंशी ने पार्टी का झंडा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सतीश कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने पार्टी के इतिहास और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। नेताओं ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई राष्ट्रवादी नेताओं के प्रयास से हुई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने शुरुआत से ही राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को अपना मूल मंत्र बनाया है।
औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है और आज यह विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में देश ने सुशासन और विकास का नया दौर देखा।
वहीं विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करें। साथ ही स्थापना दिवस के अवसर पर देश के उज्ज्वल भविष्य, संगठन की मजबूती और समाज के सर्वांगीण विकास की कामना की गई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रणविजय शर्मा, पूर्व विधायक सुरेश मेहता, प्रदेश मंत्री मुकेश शर्मा, सह क्षेत्रीय प्रभारी आशुतोष कुमार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल कुमार सिंह, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, विनय शर्मा, अवध बिहारी शर्मा, सुनील शर्मा, सारिका शेखर, धर्मेंद्र शर्मा, वीकेश सिंह, जिला मीडिया प्रभारी दीपक कुमार सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विकास कुमार सिंह, जिला मंत्री सुमन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।