चौहरमल का अर्थ जिसकी नजर चारों तरफ है : संजय पासवान
मदन कुमार
डेहरी-ऑन-सोन। दुसाध जागृति सांस्कृतिक चेतना मंच के अध्यक्ष संजय पासवान की अध्यक्षता में एनिकट में बने भव्य मंदिर बाबा चौहरमल धाम में वीर शिरोमणी चौहरमल बाबा की 712वीं जयंती धुमधाम से मनाई गई। लालजी पासवान, साधु जी, विनोद पासवान ने मंत्रोच्चार के साथ मंच के अध्यक्ष संजय पासवान, पुजारी कृष्णा पासवान सहित मंच के लोगों की उपस्थिति मे पूजा-पाठ हवन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय पासवान ने कहा कि चौहरमल का अर्थ जिसकी नजर चारों तरफ है। जहां बाबा चौहरमल थे वहां 14 कोस पूरब, 14 कोस पश्चिम, 14 -14 कोस उत्तर दक्षिण उतनी जमीन का ताल कहा जाता था उसे ताल के रक्षक थे। हमारे वीर चौहरमल उनकी सवारी थी बाघिन।
उन्होंने कहा कि पासवान का मतलब रक्षा करने वाला। नाथों के नाथ बनना होगा हम लोगों को। जो अकेला है उसके साथ खड़ा होना होगा, जहां गलत हो वहां खड़े रहना होगा। मिलजुल कर समाज को साथ लेकर चलना होगा। हम लोग पढ़ाई करें हम लोगों को नौकरी पर ज्यादा भरोसा नहीं करना है, व्यवसाय भी करना होगा। यह इलाका बहादुरों का इलाका है। हम बहादुर तभी होंगे जब खड़े होंगे बेजुबानों के साथ कमजोरों के साथ जो बिल्कुल मौन है उसके साथ। चौकीदारी इसलिए पासवानों को मिला कि समाज का भरोसा था हम लोग पर। हमारी बहादुरी का समाज ने सम्मान दिया। उन्होंने इस सफल कार्यक्रम के लिए मंच के अध्यक्ष को बधाई दी।
मंच के अध्यक्ष संजय पासवान ने कहा कि दुसाध जागृति एवं सांस्कृतिक चेतना मंच का उदेश्य है दुसाध समुदाय के वीर योद्धाओं तथा भूले हुए विरासत की खोज कर पुनः स्थापित करना तथा हमारे समाज दुसाध समुदाय के इतिहास को पहले अपने लोगो के बीच लाना। उन्होने बाबा चौहरमल धाम मे आए सभी लोगो के धन्यवाद देते हुए बाबा के बारे जानकारी देते हुए कहा कि बाबा चौहरमल साम्प्रदायिक सौहार्द के तथा सामंती दमन के विरुद्ध विद्रोह के प्रतिक थे। आज भी बाबा चौहरमल को मोकामा के आसपास के लोग लोक देवताओं कुल देवता के रूप में पूजते हैं। घर के आंगन में मिट्टी की गुंबदाकार पिंडी बनाकर उनकी पूजा होती है।
बौद्ध संस्कृति में यही पिंडी स्तूप कहलाता है बाबा चौहरमल की महानता वीरता की लोकगीतों की भरमार है। बाबा वीर शिरोमणि चौहरमल हमारे कुल गुरु एवं पूर्वज थे। हम सभी उन्हीं के वंशज हैं और जब तक हम अपने पूर्वज को, उनके इतिहास और विरासत को नहीं समझेंगे तब तक हम लोगो का विकास संभव नही हैं। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी कहा था कि जब तक जो इंसान अपना इतिहास नहीं जानता है तब तक वह इतिहास नहीं रच सकता है। इसलिए हम सभी को अपने पूर्वजों एवं उनके इतिहास को समझने की जरूरत है। दुसाध जागृति सांस्कृतिक चेतना मंच के सदस्यों द्वारा कार्यक्रम में आए सभी लोगों को अंग वस्त्र से तथा मुख्य अतिथि डॉ संजय पासवान को पुष्प गुच्छ तथा तलवार देकर सम्मानित किया गया। बाबा के भंडारे में हजारो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
जयंती पर बाबा चौहरमल धाम में पूर्व विधायक सत्यनारायण यादव, पूर्व विधायक ललन पासवान, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजू गप्ता, शेखर पासवान, पूर्व जिला पार्षद अध्यक्ष नथुनी पासवान, भीम आर्मी के जिला प्रभारी अमित पासवान, कालेन्द्र वर्मा, लोजपा नेता विजय पासवान, रेलवे के नेता वीरेंद्र पासवान, आजाद हुसैन सहित कई लोगों ने अपने-अपने विचार प्रकट किये।
इस मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, डॉ ए के विमल, डॉ निर्मल कुशवाहा, विधिज्ञ संघ अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय, संतोष उपाध्याय इरफान अहमद, दिलदार हुसैन, पूनम पासवान, हरेराम पासवान, कश्मीर पासवान, रवि पासवान, विकास पासवान, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि विष्णु पासवान, सत्येंद्र साधु, अनुज पासवान, विनोद पासवान, सतेंद्र साधु, पत्रकार मिथिलेश पासवान, मदन कुमार, दिनेश पासवान, मुन्ना पासवान, सुनील पासवान, दुसाध जागृति सांस्कृतिक चेतना मंच सदस्य सहित बिहार, झारखंड एवं रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर के काफी संख्या लोग शामिल हुए।