नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में शहर और आसपास के इलाकों का अगले दो दशकों से अधिक समय का विकास किस दिशा में होगा, इसकी रूपरेखा तैयार करने की कवायद तेज हो गयी है। मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर शुक्रवार को कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। इसमें अधिकारियों ने भूमि उपयोग, परिवहन, आवास, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की। योजना में मुजफ्फरपुर के साथ कांटी, माधोपुर सुस्ता और आसपास के गांवों को भी शामिल किया गया है।
428.29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनेगा मास्टर प्लान
प्रस्तावित मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 428.29 वर्ग किलोमीटर है। इसके अंतर्गत तीन शहरी निकायों- मुजफ्फरपुर नगर निगम, कांटी नगर परिषद और माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत के साथ 274 गांव शामिल हैं। इतने बड़े क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को एक साझा रूपरेखा के तहत तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। मास्टर प्लान का उद्देश्य आने वाले वर्षों में क्षेत्र का संतुलित और समावेशी विकास करना है। इसके तहत जमीन के इस्तेमाल, आवासीय क्षेत्रों, परिवहन व्यवस्था, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण तथा आर्थिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की योजना बनायी जाएगी। तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी इसमें जगह देने की बात कही गयी है।
11 चरणों में तैयार होगी योजना
मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया कुल 11 चरणों में पूरी होनी है। फिलहाल पांचवें चरण में प्रारूप निर्माण को लेकर विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा चल रही है। यह योजना पूरी तरह जीआइएस आधारित होगी। इससे भौगोलिक आंकड़ों के आधार पर भूमि उपयोग और विकास की जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी। बैठक में कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालयों और फाइलों तक सीमित न रहें। संबंधित क्षेत्रों का दौरा करें, स्थानीय लोगों से बातचीत करें और जमीनी जरूरतों को समझकर माइक्रो-लेवल पर योजना बनाएं। इससे विकास योजनाओं को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।
अलग-अलग विभागों के बीच बनेगा तालमेल
मास्टर प्लान को प्रभावी बनाने के लिए नगर विकास, राजस्व, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण, एनएचएआई, रेलवे, परिवहन, जल संसाधन, विद्युत आपूर्ति, बुडको और उद्योग विभाग के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। उद्देश्य यह है कि अलग-अलग विभागों की योजनाओं में दोहराव न हो और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की समर्पित वेबसाइट बनाने की बात कही गयी है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को योजना से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि आम लोगों और सभी हितधारकों से सुझाव तथा फीडबैक लिये जाएं. नियमानुसार उपयोगी सुझावों को प्रारूप में शामिल किया जाए, ताकि मास्टर प्लान तैयार करते समय क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके.