विशेष वाहन के माध्यम से घर-घर जाकर की जाएगी पूरी आबादी की स्क्रीनिंग
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के रोगियों की जांच अब हैंडहेल्ड (हाथ में पकड़ी जाने वाली) अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स रे मशीन से होगी। ये मशीनें तुरंत एक्स-रे लेती हैं और टीबी के संभावित लक्षणों (फेफड़ों पर सफेद धब्बे) की पहचान कर सकती हैं। ग्रामीणों को जांच के लिए अब शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। टीबी के लक्षण मिलने पर घर बैठे ही उनका इलाज शुरू हो जाएगा।

हैंडहेल्ड अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स रे मशीन का उपयोग करने के लिए सोमवार को औरंगाबाद शहर के एक निजी होटल के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षक ई आशीष पाटिल ने उक्त मशीन के बारे में बताया कि इससे एक दिन में सैकड़ों मरीजों का एक्स रे लिया जा सकेगा।

कार्यशाला में शामिल जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ रवि रंजन ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को यह मशीन उपलब्ध कराई है और अब यह मशीन जिले में आ गई है जिसका लाभ जल्द ही लोगों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत जिलेभर के गांवों में विशेष वाहन के माध्यम से घर-घर जाकर पूरी आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी, जिससे टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान हो सके।
मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेन्द्र कुमार सिंह, अजीत कुमार शर्मा, अनुज कुमार पाठक, सुधीर कुमार, रोहित रंजन, राहुल कुमार, कबित चंद्रा, श्याम कुमार, कलीम अंसारी आदि मौजूद रहे।