नवबिहार टाइम्स संवाददाता
अंबा (औरंगाबाद)। नेशनल हाईवे-139 पर अंबा क्षेत्र के जगन बिगहा गांव के समीप हरिहरगंज बायपास निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही के कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही एजेंसी द्वारा पर्यावरण और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार निर्माण स्थल पर दिन में तीन से चार बार पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि धूल पर नियंत्रण रखा जा सके, लेकिन यहां केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
तेज हवा और भारी वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली बारीक धूल घरों, दुकानों और लोगों के फेफड़ों तक पहुंच रही है। इसका असर खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक पड़ रहा है। क्षेत्र में अस्थमा, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
धूल के कारण दृश्यता भी काफी प्रभावित हो रही है। दिन के उजाले में भी दुपहिया वाहन चालकों को सड़क साफ दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, निर्माण स्थल के पास उचित साइनबोर्ड और बैरिकेडिंग की भी व्यवस्था नहीं की गई है, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक मानी जा रही है।
इस समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने कई बार सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया है, लेकिन अब तक ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।