नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। मसौढी के भगवानगंज थाना क्षेत्र के रोहीला पर गांव से एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के मानवीय पहलू को उजागर किया है। एक नवजात शिशु को सड़क के किनारे पर फेंक दिया गया था। लेकिन सूचना मिलते ही थाने के एक दारोगा राजेश कुमार शुक्ला ने न सिर्फ उसे गले से लगाया, बल्कि तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान भी बचाई।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह तकरीबन 10 बजे डायल 112 की पुलिस गाड़ी ने भगवानगंज थाने को सूचना दी की एक सड़क के किनारे नवजात शिशु फेंका हुआ है। ऐसे में थाने में ड्यूटी पर मौजूद राजेश कुमार शुक्ला को सूचना दी गई वह अविलंब मौके पर पहुंचे तो वहां एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा था। यह दृश्य देखकर बिना देर किए मासूम को अपनी गोद में उठा लिया। जैसे ही उन्होंने नवजात को गले से लगाया, बच्चा हल्की-सी हरकत करने लगा।
इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए दारोगा राजेश कुमार शुक्ला ने बिना समय गंवाए बच्चे को अपनी गश्ती गाड़ी से ले जाकर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। नवजात शिशु की जान बचाने के चक्कर में पुरे दिन खाना भी नहीं खाया, और इसी कार्य में लग रहे। वहीं अस्पताल में मौजूद डॉ दिव्या, डॉ लक्ष्मण और अस्पताल के प्रबंधक चंद्रशेखर आजाद, स्टाफ नर्स रेनु रानी एवं रोहित की मौजूदगी में इलाज किया गया। बच्चा अब पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।
चिकित्सकों की माने तो अगर थोड़ी और देर हो जाती तो शायद नवजात की जान चली जाती है, क्योंकि ठंड में बिना कपड़े के काफी देर तक रहने पर उसकी जान भी जा सकती थी। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर किसने इस नवजात को सड़क के किनारे फेंका था। फिलहाल नवजात शिशु को पटना चाइल्ड केयर मे रखा गया है।