नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दानापुर। गंगा नदी खतरे के निशान से डेढ फुट ऊपर बह रही है. दियारा के सात पंचायत बाढ के पानी से जलमग्न हो गया है और सड़क से लेकर खेतों में बाढ़ का पानी तीन से चार फुट बह रहा है. निचले इलाकों के घरों में भी एक से डेढ़ फुट पानी घुसा गया है. जिससे दियारा के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग ऊंचे स्थान पर शरण लेने को विवश हो गया है. दियारा में इससे पहले आई बाढ़ से लोगों को व्यापक नुकसान हुआ था और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गई थी।
पूर्व आई बाढ़ से दियारा क्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेयर में लगी मक्का, पशुचारा और सब्जी की खेती पूर्ण रुप से बर्बाद हो चुकी है. जिससे लाेगाें के साथ-साथ पशुओं के सामने भी चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है. बाढ़ से फसल और सब्जी की खेती बर्बाद होने से यहां के किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है. दोबारा बाढ़ आने पर अब जान-माल को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका है. गंगा के जलस्तर में फिर वृद्धि होने से खासकर गंगा तट के किनारे बसे गांवों के लोगों के बीच दहशत है. यहां के अधिकांश घरों में खाने का सामान उपलब्ध नहीं है. किसानों के खेती करने के लिए पूंजी नहीं है. बाढ़ आने से उक्त लोगों की स्थिति दयनीय हो गई है. लोगों ने जिला प्रशासन से बाढ़ राहत राशि उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे है।
बाढ़ से दियारे के गंगहरा, हेतनपुर, पतलापुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, मानस व अकिलपुर पंचायतों के दर्जनों गांव प्रभावित है. कनीय अभियंता ने बताया कि गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे वृद्धि हो रहा है. उन्होंने बताया कि इलाहबाद में घट रहा है और बनारस में स्थिर है जबकि बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर में वृद्धि हो रहा है जिससे गंगा जलस्तर और वृद्धि होने की संभावना है. इंद्रपुरी में सोन नदी का जलस्तर स्थिर है. सीओ चंदन कुमार ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन सजग है. उन्होंने बताया कि बाढ को देखते हुए 12 नाव परिचालन जल्द किया जायेगा।