दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फार्मा स्पेक्ट्रम 2026 का सफलतापूर्वक हुआ समापन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। औरंगाबाद के बियाडा परिसर स्थित महादेवा लाल सर्राफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “फार्मा स्पेक्ट्रम-2026” का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस सम्मेलन में “फार्मास्युटिकल और बायोमेडिकल विज्ञान में नवाचार और भविष्य के रुझान” विषय पर चर्चा की गई। समापन समारोह में अतिथि के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार मिश्र, दशरथ प्रसाद रामानंद पांडेय कॉलेज ऑफ फार्मेसी के सचिव शंभूनाथ पांडेय और वाराणसी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. ओ. पी. तिवारी शामिल हुए। एमएलएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. ब्रजकिशोर सिंह और चेयरपर्सन सरिता सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ओरल और पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विकास कुमार सिंह ने बताया कि ओरल प्रस्तुति में आईआईटी बीएचयू की पल्लवी शाह ने प्रथम, बीआइटी मिश्रा के प्रेम कुमार ने द्वितीय एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार की प्रिया झा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इनके अलावा नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की खुशी दवे, जीएसवीएन मेडिकल कॉलेज कानपुर की ऐश्वर्या प्रताप सिंह और गवर्नमेंट फार्मेसी इंस्टीट्यूट पटना की संध्या कुमारी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
पोस्टर प्रस्तुति में आइएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी पंजाब की सुरभि ने प्रथम, आईआईटी बीएचयू के विजय कुमार ने द्वितीय एवं आईआईटी बीएचयू के ही अविनाश राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इनके अलावा निभा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस के शशि भूषण, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार के वैभव वर्मा और गवर्नमेंट फार्मेसी इंस्टीट्यूट पटना की शिवानी सुंदरम को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
विजेता प्रतिभागियों में प्रथम स्थान लाने वाले को 5000, द्वितीय स्थान लाने वाले को 3000 और तृतीय स्थान लाने वाले प्रतिभागी को 2000 रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा सभी को मेमेंटो और प्रमाण पत्र भी दिया गया।
गौरतलब है कि बिहार में पहली बार आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन फार्मा स्पेक्ट्रम-2026 काफी महत्वपूर्ण रहा और इसमें फार्मास्युटिकल और बायोमेडिकल विज्ञान में नवाचार और भविष्य के रुझान” विषय पर हुई चर्चा से भविष्य में इसके काफी लाभ मिलेंगे।
इस सम्मेलन में भारत के अलावा अन्य देशों के भी वक्ता शामिल हुए। इनमें बुरफा विश्वविद्यालय, सेन्सूक, थाईलैंड की डॉ. तनिकन सांगनिम, डॉ. कमपनार्ट हुआनबुट्टा, पोखरा विश्वविद्यालय, नेपाल के डॉ. गुलाम मोहम्मद खान, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया के प्रो. (डॉ.) विवेक डेव, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर परिसर, गुजरात के डॉ. राकेश यादव, तंजानिया के डॉ. रिचर्ड चेरेहानी काशिंड्ये, भारत के डॉ. दीपक कुमार, डॉ. परमिता पॉल (दुआ) शामिल रहे। इसके अतिरिक्त अमेरिका से मलाईका नामदास, मलेशिया से डॉ. ओमोटायो फतोकुन तथा नाइजीरिया से प्रो. (डॉ.) अजायी अयोडेजी फोलोरुन्शो ने फार्मा और बायोमेडिकल विज्ञान में नवाचार तथा भविष्य पर अपने विचार रखे।