गया में समीक्षा बैठक, बैकलॉग खत्म करने और अवैध वसूली रोकने के आदेश
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिले में घरेलू एलपीजी आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रतिदिन 14,488 सिलेंडरों की मांग आ रही है और उसके अनुसार आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, पैनिक बुकिंग के कारण शहरी क्षेत्रों में गैस वितरण में 2-3 दिन की देरी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ एजेंसियों, विशेषकर अभिनय गैस एजेंसी में बैकलॉग अधिक है, जिसे जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जिन एजेंसियों में अधिक बैकलॉग है, वे अपनी आपूर्ति क्षमता बढ़ाकर स्थिति सामान्य करें।
गैस उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। पिछले सात दिनों में 1301 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1208 का समाधान किया जा चुका है। वहीं, बिना डिलीवरी के एसएमएस भेजने और सब्सिडी राशि आने की शिकायतों पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी बोतल या जार में ईंधन नहीं दिया जाएगा, केवल वाहनों में ही आपूर्ति होगी। खाद-उर्वरक की समीक्षा में कालाबाजारी पर सख्ती दिखाते हुए 12 दुकानों के लाइसेंस निलंबित, एक रद्द और एक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीएनजी गैस पाइपलाइन विस्तार की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 1944 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। अध्यक्ष ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए टीमों की संख्या बढ़ाकर प्रतिदिन 100 घरों में कनेक्शन देने का निर्देश दिया।
शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केपी रोड से अतिक्रमण हटाने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके लिए एक विशेष क्यूआरटी टीम गठित की गई है। शहर को 4-5 जोन में बांटकर निगरानी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
सड़कों पर अवैध वसूली पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी वाहन से जबरन राशि वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी शिकायत मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही जाम से निजात के लिए आवश्यक स्थानों पर वन-वे ट्रैफिक लागू करने का निर्देश दिया गया।
पेयजल आपूर्ति की समीक्षा में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब नल-जल योजनाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां बोरिंग फेल हो चुके हैं, वहां नए बोरिंग के साथ 5-6 नल लगाकर तत्काल जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।