मगध विश्वविद्यालय, बोधगया का 65वां स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में 65वां स्थापना दिवस समारोह अतिथि गृह में कुलपति प्रो एसपी शाही की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार शामिल हुए।
अपने संबोधन में जीतन राम मांझी ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को पुनर्स्थापित करने पर जोर देते हुए ऑडिटोरियम निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया, वहीं प्रेम कुमार ने अनुशासन, परिश्रम और नैतिकता को विश्वविद्यालय विकास का मूलमंत्र बताया। कुलपति प्रो एसपी शाही ने पिछले तीन वर्षों में हुई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए परीक्षाओं की नियमितता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र की स्थापना और शैक्षणिक विस्तार को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। संस्कार सृजन की समन्वयक डॉ मीनाक्षी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
कुलपति प्रो एसपी शाही ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय के इतिहास और वर्तमान स्थिति को विस्तार से रखते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में 155 से अधिक परीक्षाएं नियमित रूप से संपन्न कराई गईं तथा 300 से अधिक संगोष्ठी और कार्यशालाएं आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि मगध विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहां वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की पढ़ाई प्रारंभ हो रही है। साथ ही एआई एवं एएस विभाग को भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा गया के गुरुआ प्रखंड स्थित दुवा क्षेत्र में सर्वेक्षण का अवसर मिला है, जो पूरे देश में केवल सात विश्वविद्यालयों को प्राप्त है।
प्रेम कुमार ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय के छात्र प्रशासनिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा शिक्षा बजट में लगभग साठ हजार करोड़ रुपए के प्रावधान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। जीतन राम मांझी ने मगही भाषा में संबोधित करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय स्थापना के समय 100 एकड़ भूमि की मांग पर 300 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिषद में बोधगया मठ के मठाधीश स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव रखा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष विश्वविद्यालय की मांगों को रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कृषि और हरियाली के महत्व पर बल देते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है और विश्वविद्यालयों को इस दिशा में शोध बढ़ाना चाहिए। अधिष्ठाता प्रो प्रमोद कुमार चौधरी ने शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। अंत में कुलसचिव प्रो बिनोद कुमार मंगलम ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
मंच संचालन डॉ दीप शिखा पांडेय और डॉ परम प्रकाश राय ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।