आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को कॉलेज की ओर से दी जाएगी हर संभव सहायता
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। ओबरा प्रखंड के देवकली स्थित महामाया कॉलेज ऑफ एजुकेशन में डीएलएड प्रथम वर्ष सत्र 2025–27 की कक्षाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नए सत्र में नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत इंडक्शन प्रोग्राम के साथ हुई, जिसमें नव आगंतुक प्रशिक्षुओं को कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

इस मौके पर महाविद्यालय के अध्यक्ष अभिषेक कुमार, प्राचार्य दुर्गा सिंह एवं दुर्गेश कुमार मिश्र ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक बनना एक गौरवपूर्ण जिम्मेदारी है। शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करता है और उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
पहले ही दिन कॉलेज परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने शिक्षक बनने के अपने सपने की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए इस पेशे को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनाने का संकल्प लिया।
कॉलेज के शिक्षकों धीरज कुमार, बृजेश कुमार, शुभम कुमार, यश कुमार, प्रमोद कुमार, अजीत कुमार एवं अमित कुमार ने परिचय सत्र के दौरान पाठ्यक्रम, लेसन प्लान, प्रशिक्षण एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, कॉलेज के संस्थापक विनय प्रसाद ने उम्मीद जताई कि इस सत्र के विद्यार्थी न केवल अच्छे शिक्षक बनेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को कॉलेज की ओर से हर संभव सहायता दी जाती है, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
अंत में उन्होंने सभी छात्रों से नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अनुशासन और निरंतरता ही सफलता की कुंजी है, जिससे पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।