नवबिहार टाइम्स संवाददाता
औरंगाबाद। देव प्रखंड में देव संस्कृति परिषद के तत्वाधान में समाजसेवीयों क़ो लेकर एक बैठक की गयी जिसमें महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की बारात निकालने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। परिषद के अध्यक्ष एवं देव सूर्य मंदिर के पूर्व सदस्य भूपेश यादव ने बताया की 26 फ़रवरी क़ो बुढ़वा महादेव स्थान से भव्य झाँकि संग शिव बारात निकालकर पौराणिक सूर्यकुण्ड परिसर में दुर्गा स्थान समीप शिव विवाह वैदिक रीति रीवाज़ संग संपन्न कराया जायेगा। परिषद के कोषाध्यक्ष राजदेव भगत ने बताया की शिव विवाह के पश्चात श्रद्धांलुओं क़ो भगवान शंकर जी एवं माता पार्वती का दर्शन कराने के लिए भव्य झाँकि अघोरीयों, भूत बेताल, नंदी बाघ एवं घोड़ा संग सम्पूर्ण सूर्य नगरी में अवस्थित शिवालय का भ्रमण कराया जायेगा जो रानी तालाब तक आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। झाँकि क़ो सफल बनाने वाले सहयोगियों क़ो देव संस्कृति परिषद के पदाधिकारियों द्वारा देव सूर्यकुण्ड पर सम्मान समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम कियें जायेंगे।
परिषद के सचिव दीपक गुप्ता ने बताया की देव सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य के तीन स्वरुप हैं जो की उदयकाल में ब्रह्मजी, मध्यानकाल में शंकर जी एवं अस्त समय में विष्णु जी के स्वरुप में विराजमान हैं l मध्यान काल की महत्ता क़ो देखते हुए दोपहर में ही झांकी क़ो निकाला जायेगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे धर्मदेव यादव ने बताया की बुढ़वा महादेव स्थान से शिव बारात की तैयारियां सुबह दस बज़े से एवं शिव विवाह 11:15 बज़े से की जाएगी। श्रद्धांलुओं के लिए देव संस्कृति परिषद के सदस्यों के द्वारा विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि 26 फरवरी बुधवार को पड़ रही है। पूर्व शिक्षक रामधारी सिंह एवं योग गुरु कृष्णा दुबे ने इस धार्मिक कार्यक्रम क़ो सफल बनाने में पुर्ण सहयोग करने की सहमति जताई।
बैठक में शिव कुमार, उपेन्द्र यादव, देव सूर्य मंदिर के उपसचिव रामचंद्र चौरसिया, भूपेश यादव, राजदेव भगत, कुलदीप कुमार, रमेश कुमार, मानिलाल जी, बली यादव एवं अन्य उपस्थित थे।