सोन तट, दाउदनगर में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में काली स्थान, सोन तट, दाउदनगर में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। उक्त महोत्सव का उद्घाटन सांसद, काराकाट राजाराम सिंह एवं विधायक, ओबरा प्रकाश चंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सस्वर गायन के साथ किया गया। तत्पश्चात सांसद, विधायक, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, अनुमंडल पदाधिकारी, दाउदनगर तथा अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर विधिवत महोत्सव का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, दाउदनगर द्वारा सांसद, विधायक एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों को पौधा एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया।

महोत्सव के दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता, रस्साकशी, पतंगबाजी, बैलून प्रतियोगिता सहित अन्य खेलकूद एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त पारंपरिक दंगल कुश्ती प्रतियोगिता का भी सफल आयोजन किया गया।

साथ ही जिले की प्रसिद्ध लोकगायिका सृष्टि लक्ष्मी, तान्या मौआर एवं अन्य कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने हेतु विभिन्न स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट स्थापित किए गए तथा फूलों एवं सजावटी सामग्री से सुसज्जित किया गया, जहां पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा उत्साहपूर्वक सेल्फी ली गई।

सांसद राजाराम सिंह ने अपने संबोधन में उपस्थित जनसमूह को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना से जुड़ा एक प्राचीन एवं वैज्ञानिक महत्व का पर्व है। उन्होंने ऋग्वेद में वर्णित सूर्य, इंद्र, अग्नि एवं वरुण देवताओं की पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि के आरंभ से ही मानव ने प्रकृति के कल्याणकारी तत्वों की आराधना की है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति एवं छठ पर्व सूर्य से जुड़ी हमारी सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक हैं। यह पर्व सदियों से नदियों के तट एवं संगम स्थलों पर मेलों के रूप में मनाया जाता रहा है। उन्होंने इस परंपरागत मेले को महोत्सव के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए इसे संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।

विधायक प्रकाश चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि दाउदनगर क्षेत्र की कला, संस्कृति एवं परंपराएं प्राचीन काल से ही समृद्ध रही हैं। उन्होंने दाउदनगर के प्रसिद्ध पीतल उद्योग एवं जीउतिया पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सोन नदी के तट पर लगने वाला यह मेला बचपन की स्मृतियों से जुड़ा है, जो अब जिला प्रशासन के सहयोग से भव्य महोत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इससे खेल प्रेमियों, स्थानीय कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। दंगल कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के आयोजन के लिए उन्होंने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की सराहना की।
कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रदर्शनी, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, प्रखंड विकास पदाधिकारी दाउदनगर, अंचल अधिकारी दाउदनगर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।