नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बोकारो। चार नए श्रम कानूनों और बैंकों के निजीकरण के विरोध में विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद को बैंक और बीमा क्षेत्र के संगठनों का भी समर्थन मिला है, जिसके कारण बोकारो के सभी बैंक आज बंद रहे। बैंक कर्मचारी और अधिकारी अपने-अपने शाखा कार्यालयों के सामने एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
बैंक ऑफ इम्प्लाइज यूनियन के झारखंड स्टेट महासचिव एसएन दास ने कहा कि नए श्रम कानूनों से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे और नौकरी की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। उनका आरोप है कि इन कानूनों से कार्य के घंटे बढ़ सकते हैं तथा श्रमिकों की सामूहिक सौदेबाजी की ताकत घटेगी। वहीं, बैंक कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उनका मानना है कि निजीकरण से न केवल कर्मचारियों की नौकरी असुरक्षित होगी, बल्कि आम जनता, खासकर ग्रामीण और गरीब तबके को मिलने वाली बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित होंगी।
हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं, जिससे ग्राहकों को नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य लेन-देन में परेशानी का सामना करना पड़ा। औद्योगिक इकाइयों में भी कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वह श्रमिक और बैंक कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करे।