उत्तर कोयल जलाशय परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों, भूमि अधिग्रहण की स्थिति एवं अन्य संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में परियोजना के विभिन्न पैकेजों में चल रहे कार्यों की प्रगति, संसाधनों की उपलब्धता तथा लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी ली गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि उत्तर कोयल जलाशय परियोजना झारखंड राज्य से प्रारंभ होकर बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला अंतर्गत नवीनगर, कुटुम्बा, देव, औरंगाबाद एवं मदनपुर प्रखंडों से होते हुए गया जिला में प्रवेश करती है। इस परियोजना के अंतर्गत औरंगाबाद जिले में पैकेज-03 से पैकेज-11 तक कुल 07 पैकेज शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58.618 किलोमीटर है। परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण, अर्थवर्क, कंक्रीट संरचना एवं लाइनिंग सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक में बताया गया कि विभिन्न पैकेजों में निर्माण कार्य प्रगति पर है। कई पैकेजों में कार्य संतोषजनक गति से संचालित हो रहा है, जबकि कुछ पैकेजों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक मशीनरी जैसे एक्सकेवेटर, डंपर, कंपेक्टर, लाइनिंग पेवर एवं आरएमसी प्लांट लगाए गए हैं तथा मानव संसाधन की भी तैनाती की गई है। पिछले 12 दिनों में लगभग 2.01 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत औरंगाबाद जिले में कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसमें से लगभग 36.557 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि शेष 4.694 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में परियोजना के वितरण प्रणाली से संबंधित कार्यों की स्थिति की भी जानकारी दी गई। वितरण प्रणाली के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया संचालित की गई है तथा तकनीकी बोली के मूल्यांकन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त विद्युत पोलों के स्थानांतरण, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा एचटी ट्रांसमिशन लाइन से संबंधित कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कई स्थानों पर विद्युत पोलों के स्थानांतरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्य सचिव द्वारा बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का लाभ क्षेत्र के किसानों एवं आमजनों को समय पर प्राप्त हो सके।