नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पूर्वी क्षेत्र–I द्वारा क्षेत्रीय मुख्यालय, पटना स्थित प्रेक्षागृह में “राजभाषा सम्मेलन–2026” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय सम्मेलन में क्षेत्रीय मुख्यालय के सभी कार्मिकों के साथ-साथ बिहार एवं झारखंड के विभिन्न उपकेंद्रों से आए प्रमुखों एवं राजभाषा प्रभारियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक (प्रभारी) नितिन कुमार श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने हिन्दी भाषा की उपयोगिता, सरलता और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए सभी कार्मिकों से कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के अधिकतम प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजभाषा का सशक्त प्रयोग प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाता है।
सम्मेलन के दौरान कुल तीन ज्ञानवर्धक सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें विशेषज्ञ वक्ताओं ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार साझा किए।
प्रथम सत्र में “राजभाषा नीति, नियम एवं अधिनियम” विषय पर चर्चा करते हुए विचित्रसेन गुप्त (राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार) ने उपस्थित प्रतिभागियों को राजभाषा से संबंधित नियमों, प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में “विकसित भारत @2047 की लक्ष्य प्राप्ति में राजभाषा हिन्दी की भूमिका” विषय पर डॉ. मधु मंजरी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि देश की एकता और सांस्कृतिक समन्वय का सशक्त माध्यम है, जो विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है।
तृतीय सत्र में “भारत के वर्तमान विद्युत परिदृश्य” विषय पर सुदीप कुमार ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देश में विद्युत क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सक्रिय सहभागिता दिखाई और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर पावरग्रिड पूर्वी क्षेत्र–I के सभी वरीय अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।