नवबिहार टाइम्स संवाददाता
अंबा (औरंगाबाद)। एनएच 139 पर औरंगाबाद से हरिहरगंज के बीच इन दिनों यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। निर्माण सामग्री और धूल ढोने वाले भारी वाहन बिना नंबर प्लेट के बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और प्रदूषण भी तेजी से फैल रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन वाहनों पर आगे या पीछे कहीं भी पंजीकरण संख्या अंकित नहीं होती। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है, तो चालक वाहन समेत आसानी से फरार हो जाते हैं और उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ये वाहन अक्सर तेज रफ्तार में चलते हैं। नियमों के अनुसार निर्माण सामग्री को तिरपाल से ढकना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश वाहन खुले में धूल और गिट्टी ढोते हैं। इससे उड़ती धूल राहगीरों की आंखों में गिरती है और सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की उदासीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि बिना नंबर प्लेट के ये वाहन आखिर किसके संरक्षण में सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
नियमों को ताक पर रख दौड़ रहे वाहन
भारी वाहन चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी अब आम बात हो गई है। क्षमता से अधिक भार लादना, तेज रफ्तार में वाहन चलाना और रात के समय लापरवाही बरतना, ये सभी कारण हादसों को न्योता दे रहे हैं। ओवरलोडेड वाहन जहां सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं असंतुलित होकर पलटने का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल मुख्य चौराहों पर औपचारिक जांच करती है, जबकि अंदरूनी सड़कों पर कोई निगरानी नहीं होती। चालकों में कानून का डर खत्म होता दिख रहा है।
यदि जल्द ही इन बेलगाम वाहनों पर सख्ती नहीं की गई, तो सड़कों पर चलना आम लोगों के लिए और भी खतरनाक हो जाएगा।