औरंगाबाद के एकदिवसीय दौरे पर पहुंचीं खेल मंत्री का पूर्व सांसद आवास पर किया गया भव्य स्वागत
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और “पदक लाओ, नौकरी पाओ” योजना को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए प्राथमिकता के तौर पर कार्य कर रही है। यह योजना राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए न केवल सम्मान बल्कि सुरक्षित भविष्य का आधार बन रही है।
औरंगाबाद के एकदिवसीय दौरे पर पहुंचीं खेल मंत्री का पूर्व सांसद आवास पर भव्य स्वागत किया गया। यहां पर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, भाजपा के वरीय नेता सुनील कुमार सिंह, औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, कुटुंबा विधायक ललन राम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में माला और बुके लेकर स्वागत के लिए खड़े दिखे।

खेल मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष इस योजना के तहत बिहार के 71 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई थी, जबकि वर्तमान वर्ष में अब तक 86 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों की नियुक्ति की योजना बनाई जा रही है, ताकि राज्य के खिलाड़ी विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। इसी सोच के तहत खेल प्रतिभाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
खेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 2036 में संभावित रूप से भारत में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में भारतीय दल में बिहार के खिलाड़ियों की अच्छी-खासी संख्या देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह राज्य के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब बिहार खेल के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। मंत्री के इस बयान से राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है और युवा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है।