सूर्य की रौशनी से रौशन होंगे हर घर
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। केन्द्र सरकार की उर्जा प्रक्षेत्र में महत्वपूर्ण योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं कुसुम योजना के लाभ से बिहार के बिजली उपभोक्ता भी लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी जा रही है। उर्जा विभाग, बिहार सरकार द्वारा उक्त योजना के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को सौर उर्जा सयंत्र स्थापित करने का अवसर दिया जा रहा है, साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर सयंत्र लगाने पर रूपया 78000.00 तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 01 किलोवाट तक की क्षमता वाले सोलर सयंत्र लगाने पर रूपया-30000.00 एवं 02 किलोवाट तक की क्षमता वाले सोलर सयंत्र पर 60,000.00 तथा 03 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सयंत्र पर रूपया 78000.00 तक का अनुदान दिया जा रहा है।
उक्त सयंत्र हेतु उपभोक्ताओं को 80 वर्ग फीट से 240 वर्ग फीट तक के क्षेत्र की आवश्यकता पडती है। 01 किलोवाट के सोलर सयंत्र से लगभग 125 यूनिट बिजली प्रतिमाह का उत्पादन होता है, इसके अनुपात में सोलर सयंत्र लगाने का लागत राशि की प्रतिपूर्ति 05 से 07 वर्षों में पूर्ण हो जाती है और सौर उर्जा सयंत्रों की आयु लगभग 25 वर्षों की होती है। वैसे उपभोक्ता जो उक्त सयंत्र लगाने हेतु इच्छुक हैं, उन्हे वित्तिय सहायता के रूप में राष्ट्रीयकृत बैंक के द्वारा ऋण की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही उक्त योजना का लाभ लेने हेतु उपभोक्ता स्थानीय विद्युत कार्यालय में सम्पर्क स्थापित कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विद्युत कार्यपालक अभियंता, औरंगाबाद एवं दाउदनगर ने बताया कि उक्त सौर उर्जा सयंत्र लगाने हेतु इच्छुक उपभोक्ता सुविधा एप्प के माध्यम से आवेदन समर्पित कर सकते हैं तथा स्थानीय कार्यालय से सयंत्र उपलब्ध कराने वाले वेन्डरों की सूची प्राप्त कर सुविधा अनुसार उक्त योजना का लाभ ले सकते हैं। केन्द्र सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ आम किसानों को भी सौर उर्जा के माध्यम से सुदुरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का लाभ पहुँचाने हेतु प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (PM KUSUM) योजना लागू की गई, जिसका लाभ बिहार के किसानों को भी मिल रहा है।
उक्त योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि में प्रयुक्त होने वाले डीजल एवं बिजली पर खर्च होने वाली राशि से किसानों को बचत देने की सुविधा दी जा रही है। साथ ही किसान इस योजना के तहत बिजली उत्पादन कर बिजली कंपनी को बिजली बेंच सकते हैं। इसके लिए बिहार स्टेट पावर जेनेरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा कुल 1235 कृषि फीडर को इस योजना से संबद्ध किया गया। इस योजना के तहत विद्युत उपकेन्द्रों के लगभग 05 किलोमीटर दायरे के अन्दर भूमि उपलब्ध कराकर इच्छुक किसान सौर उर्जा सयंत्र स्थापित कर सकते है, किसानों को सरकारी वित्तिय सहायता के तहत कृषि फीडर के सौर उर्जा क्षमता के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा 1.05 करोड रूपया प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार द्वारा 45 लाख रूपया प्रति मेगावाट के वित्तिय सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
ज्ञात हो कि, इस योजना के तहत प्रति मेगावाट लगभग 04 एकड भूमि की आवश्यकता है तथा अधिष्ठापित सयंत्र से बिजली कंपनी को उपलब्ध कराये जाने वाली बिजली से संबंधित एकरारनामा की अवधि 25 वर्ष निर्धारित है। इससे संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु विद्युत कंपनी कार्यालय में सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है।