13 मासूमों की मौत से पसरा मातम: भावुक हुए रौशन आनंद, कहा— स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त हो ताकि न उजड़े किसी की गोद
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हाजीपुर। राघोपुर नाव हादसे के बाद सियासत तेज हो गई है। शिक्षक रौशन आनंद ने हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने चिराग के ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े दावे करने से पहले उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र राघोपुर की बुनियादी व्यवस्थाओं को सुधारना चाहिए। आनंद ने क्षेत्र में एंबुलेंस, ऑक्सीजन और एनडीआरएफ जैसी आपदा प्रबंधन सुविधाओं की कमी पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री से औचक निरीक्षण की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले राघोपुर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने चिराग पासवान से अपील की कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि भविष्य में बिहार का नेतृत्व करने की आकांक्षा रखता है, तो उसे अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर कमियों को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि नाव हादसे से सबक लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना के दौरान लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
राघोपुर के रामपुर श्यामचंद में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अपनों को खोने का गम झेल रहे परिजनों से मिलकर शिक्षक रौशन आनंद भावुक हो उठे। इस दुखद घड़ी में उन्होंने पीड़ित परिवारों को 3 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाने का भरोसा दिया।साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि हादसे में प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा में भी मदद की जायेगी। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि मुआवजा किसी की जान वापस नहीं ला सकता, इसलिए घायलों को तुरंत सही इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना बहुत जरूरी है।