अब कायस्थ एकजुट हो रहे हैं : रागिनी रंजन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। कायस्थों को एक होने और एक रहने की जरूरत है। पूरा का पूरा कायस्थ समाज आज राजनीतिक उपेक्षा का शिकार है। अपने विखराव के कारण ही वो राजनीतिक तौर पर हाशिए पर ढकेल दिये गए हैं। अब एक बार फिर से जरूरत पड़ गई है कि आप राजनीति से जुड़िए और राजनीति को और राजनीतिक पार्टियों को अपनी जरूरत का एहसास कराइए। ये बातें जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ग्लोबल कायस्थ कॉंफ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कही।

श्री राजीव रंजन पटना में आयोजित ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेस के पांचवें स्थापना दिवस पर बिहार और बिहार के बाहर से आए कायस्थों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि युवा कायस्थों में वैचारिक परिवर्तण की भी जरूरत है। नौकरी और सरकारी नौकरी की सोच से बाहर आकर राजनीति, व्यवसाय, सर्विस सेक्टर से जुड़ कर अपने लिए नया आयाम स्थापित करने की जरूरत है।

जीकेसी की प्रधान न्यासी रागिनी रंजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीकेसी लगातार कायस्थ एकता का प्रयास कर रहा है। नतीजे भी सामने आ रहे हैं। पटना के रॉयल गार्डेन में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कायस्थों की एकता ने अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है। देश विदेश से कायस्थ जीकेसी से जुड़ रहे हैं और हजारों की संख्या में हर जगह जीकेसियन एक दूसरे की मदद भी कर रहे हैं।

इसके पहले जीकेसी स्थापना दिवस की शुरुआत संगठन के झंडोतोलन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान जीकेसी का लोगो युक्त बैलून भी उड़ाया गया। दीप प्रज्वलन के बाद चित्रगुप्त आरती, कायस्थ एंथम, केक कटिंग और जीकेसी के नाम से दीपोत्सव भी मनाया गया। जीकेसी के ग्लोबल उपाध्यक्ष दीपक अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाधयक्ष डा. नम्रता आनंद राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश महान, प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष निलेश रंजन, दीप श्रेष्ठ, शिवानी गौड़, बीके सहाय, किशोर कुमार, संजय कुमार सिन्हा, राहुल मणि सहित कई लोगों ने संबोधित किया। इस अवसर पर जीकेसी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन जीकेसी बिहार के प्रदेश महसचिव संजय कुमार सिन्हा ने किया।

मौके पर राकेश मणि, डॉ निशा पाराशर, रंजना कुमारी, रचना कुमारी, कुमार संभव, अभिषेक श्रीवास्तव, अराधना रंजन, सोनाक्षी प्रिया, दिलीप कुमार सिन्हा, रविशंकर प्रसाद सिन्हा, रवि सहाय, थनंजय प्रसाद, राजेश डबल, कुमार निशांत, दिवाकर वर्मा, सुबोध नंदन सिन्हा हर्षवर्धन प्रियदर्शी, दिलीप कुमार सिन्हा, विजय कुमार चुन्नू सहित सैंकड़ो जीकेसीयन उपस्थित थे।