नवबिहार टाइम्स संवाददाता
गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान गया समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें गया जिले के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर बिहार सरकार के सहकारिता सह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने गया शहर के विकास एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया और संबंधित मांगें रखीं। डॉ. कुमार ने मुख्यमंत्री को 1417 करोड़ से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति के लिए बधाई एवं आभार प्रकट करते हुए कहा कि ये योजनाएँ गया जिले को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। साथ ही, उन्होंने गया शहर के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
गया शहर का नाम ‘गया जी’ कर अधिसूचना शीघ्र जारी की जाए।
मोक्ष दायिनी फल्गु नदी के संरक्षण हेतु शिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना की स्वीकृति दी जाए।
गयाजी रबर डैम में स्वच्छता बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
गया में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु चिड़ियाघर की स्थापना की जाए।
गया जिले में पहाड़ों पर मृदा एवं जल संरक्षण के साथ हरियाली को बढ़ावा दिया जाए।
बोधगया के मास्टर प्लान और नक्शे को शीघ्र स्वीकृति दी जाए।
गया एयरपोर्ट का विस्तार कर बड़े विमानों की लैंडिंग की सुविधा प्रदान की जाए।
परिवहन विभाग की 5 एकड़ बस स्टैंड की जमीन का सौंदर्यीकरण किया जाए।
गया डोभी, गया टेकारी, गया बेला एवं गया वजीरगंज क्षेत्र को गुड़गांव-नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाए।
गया में खिलाड़ियों के लिए एक बड़े खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाए।
जिला मुख्यालय के सरकारी कार्यालयों को शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए।
गया नगर निगम क्षेत्र के पुराने नालों की जगह नया स्ट्रोम ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गया में मां बागेश्वरी गुमटी आरओबी, NH 82 गुघड़ीताड़ फ्लाईओवर एवं मानपुर में भी फ्लाई ओवर दो सहित 10 योजनाओं फ्लाईओवर एवं रेलवे ओवरब्रिज की घोषणा शहर के यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से उपरोक्त मांगों को शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया, जिससे गया शहर को एक आधुनिक और विकसित स्वरूप मिल सके।