•विस्थापितों ने नियोजन की मांग को लेकर मेन गेट समेत सभी गेटों को किया जाम, आवागमन बाधित होने के बाद अनुमंडल प्रशासन सख्त
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
बोकारो । बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज होने के बीच जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। विस्थापितों द्वारा संयंत्र के मुख्य द्वार सहित सभी गेटों को जाम कर धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद प्रशासन ने बीएसएल के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 18 अक्टूबर 2026 की सुबह पांच बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
चास के अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने विधि-व्यवस्था और औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों के आंदोलन के कारण संयंत्र में कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। इससे बीएसएल की सामान्य औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
मुख्य गेट समेत सभी द्वार जाम होने के बाद प्रशासन सख्त-
बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। आंदोलनकारियों ने संयंत्र के मुख्य द्वार समेत सभी गेटों को जाम कर दिया था। इसके कारण संयंत्र में आवागमन बाधित होने और विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने के मद्देनजर अनुमंडल प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक-
जारी आदेश के अनुसार, बीएसएल के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने, भीड़ लगाने और भ्रमण करने पर रोक रहेगी। इस क्षेत्र में हथियार, लाठी-डंडे और खुदाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरण ले जाने के साथ जुलूस, रैली, सभा, धरना और प्रदर्शन आयोजित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। औद्योगिक कार्यों या सार्वजनिक आवागमन को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
टू टैंक के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति-
अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। प्रशासन को टू टैंक के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से विरोध-प्रदर्शन किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
प्रशासन ने सभी संबंधित संगठनों और आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे बीएसएल के किसी भी द्वार को अवरुद्ध न करें और कर्मचारियों, आम नागरिकों तथा आवश्यक सेवाओं के आवागमन को बाधित होने से बचाएं। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन कराने तथा संयंत्र के द्वारों पर आवागमन सामान्य बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।