मणिचक धाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी (पटना)। लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व चैती छठ बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया। राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी के प्रसिद्ध मणिचक धाम पर इस अवसर पर आस्था का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में छठ व्रतियों ने यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

मसौढ़ी अनुमंडल के अंतर्गत इस वर्ष कुल 65 छठ घाटों का निर्माण कराया गया था, जिनमें से 20 घाटों को अति संवेदनशील घोषित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। घाटों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, वॉच टावर के साथ-साथ हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती रही। मसौढ़ी, धनरूआ और पुनपुन प्रखंडों के सभी प्रमुख घाटों पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा।
मणिचक धाम पर अनुमंडल प्रशासन, स्थानीय थाना, महिला पुलिस बल तथा श्री विष्णु सूर्य मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने मिलकर सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभाली। तालाबों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी।

अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने पर्व के शांतिपूर्ण समापन पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की गई थी, जिससे कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मणिचक सूर्य मंदिर छठ धाम की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता भी विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि यहां छठ व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और कुष्ठ रोग से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के चलते चैती और कार्तिक छठ के दौरान यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर समिति के सचिव नवल भारती ने बताया कि मणिचक धाम पर श्रद्धालुओं की भीड़ हर वर्ष बढ़ती जा रही है, जो इस स्थल की गहरी आस्था और विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना के साथ छठ व्रत करते हैं।
पूरे अनुमंडल में छठ व्रतियों के लिए स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।