नवबिहार टाइम्स संवाददाता
औरंगाबाद। महापुरुषों के सम्मान के लिए विरासत बचाओ संघर्ष परिषद अपना संघर्ष तेज करेगी. यह बात परिषद् द्वारा सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही गयी. यह प्रेस वार्ता शहर के संगम रिसोर्ट में आयोजित हुई। परिषद के संरक्षक, ओबरा विधायक ऋषि यादव ने बताया कि देश अपने पूर्वजों की वजह से ही सुरक्षित है और उनका सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे दाउदनगर थाना के महावर में रामविलास पासवान की मूर्ति टूटने की घटना हो या दानी बीघा से पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामविलास सिंह यादव की प्रतिमा हटाने का मामला, इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन को तत्काल इन मूर्तियों की पुनर्स्थापना करनी चाहिए, अन्यथा हमें आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा।
परिषद के अध्यक्ष सत्येंद्र यादव, महासचिव राधे प्रसाद और प्रवक्ता संजीत कुमार ने कहा कि महापुरुषों को उचित सम्मान देना केवल हमारा दायित्व नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। हमारे जिले में कई महापुरुष हुए, लेकिन सम्मान कुछ ही तक सीमित रखा गया, जो अनुचित है। रखरखाव के अभाव में सरदार वल्लभ भाई पटेल और शहीद जगपति की प्रतिमाएं उपेक्षित पड़ी हैं, जबकि महान स्वतंत्रता सेनानी कुमार बद्री नारायण सिंह की आज तक कोई प्रतिमा स्थापित नहीं की गई। हालांकि, जिला परिषद ने बद्री बाबू के सम्मान में बद्रीनारायण मार्केट बनाया है। जिला परिषद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर शहर के दानी बीघा व्यावसायिक परिसर का नाम पूर्व मंत्री रामविलास सिंह यादव के नाम पर रखने का निर्णय लिया था, जिसके तहत वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन बाद में यह प्रतिमा नगर थाना में भेज दी गई। परिषद ने मांग की कि इस प्रतिमा को पुनः दानी बीघा व्यावसायिक परिसर में स्थापित किया जाए।
इस अवसर पर परिषद के सचिव संतोष कुमार, उदय उज्जवल, विकास यादव, सुशील कुमार सहित कई अन्य उपस्थित रहे।