न्याय प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला न्यायालय परिसर में स्थापित Vulnerable Witness Deposition Centre (VWDC) में पहली बार एक कमज़ोर साक्षी का बयान सफलतापूर्वक दर्ज किया गया है। इस पहल को न्याय प्रणाली को अधिक पीड़ित-हितैषी और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह बयान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-I) की देखरेख में दर्ज किया गया, जहां साक्षी को सुरक्षित, बाल-मैत्रीपूर्ण और तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण उपलब्ध कराया गया। इस केंद्र को विशेष रूप से बच्चों और यौन अपराधों के पीड़ितों जैसे कमज़ोर साक्षियों की गरिमा, गोपनीयता और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
VWDC की मदद से साक्षी बिना किसी भय, दबाव या अभियुक्त के सीधे संपर्क में आए बिना अपना बयान दर्ज करा सकते हैं। इससे न केवल साक्षियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि न्याय तक उनकी पहुंच भी आसान होती है और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित होती है।
यह व्यवस्था भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू की गई है, जिसमें देशभर में ऐसे केंद्रों की स्थापना और प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस उपलब्धि के लिए जिला न्यायपालिका, न्यायालय प्रशासन और सभी संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयासों की सराहना की है।
यह कदम जिले में एक अधिक समावेशी, मानवीय और उत्तरदायी न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत देता है।