श्रीराम मंदिर में दर्शन, गुरुकुल में छात्रों से संवाद; परंपरा और तकनीक के समन्वय पर जोर
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
भागलपुर। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को अपनी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी, बेटे करण अदाणी और बहू पारिधि अदाणी के साथ अयोध्या का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया।
हनुमान जयंती के अवसर पर अयोध्या पहुंचे अदाणी ने इसे भावुक और विशेष अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों सत्य, कर्तव्य और सेवा को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

मंदिर दर्शन के बाद अदाणी परिवार श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया। वर्ष 1935 में स्वामी त्यागानंद द्वारा स्थापित यह गुरुकुल वैदिक शिक्षा और संस्कारों पर आधारित है। यहां छात्र पारंपरिक गुरुकुल पद्धति के तहत रहकर अध्ययन करते हैं।
अदाणी ने गुरुकुल की शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि “मूल्यों से जुड़ी शिक्षा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि राष्ट्र का भविष्य गढ़ती है।” उन्होंने परंपरा और आधुनिकता के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भारत की ज्ञान परंपरा को सशक्त बनाए रखना जरूरी है।
इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि अडानी फाउंडेशन गुरुकुल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लैब स्थापित करने में सहयोग करेगा, ताकि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक शिक्षा का समन्वय हो सके।
करीब 200 छात्रों वाले इस गुरुकुल में शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क है और परिसर में गौशाला भी संचालित है। ऐतिहासिक रूप से भी यह संस्थान महत्वपूर्ण रहा है, जहां महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेता भी आ चुके हैं।
दौरे के दौरान जब विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से संस्कृत श्लोकों का उच्चारण किया, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। अदाणी ने छात्रों के बीच बैठकर इस अनुभव को आत्मसात किया और शिक्षकों से भी विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि “सेवा ही साधना है” और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची प्रगति का मार्ग है। उनका यह दौरा भारत की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव को दर्शाता है। इससे पहले वे महाकुंभ और जगन्नाथ रथयात्रा में भी भाग ले चुके हैं।