नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य गंभीर हादसों में घायल मरीजों के बेहतर उपचार के लिए स्वतंत्र स्पाइनल यूनिट स्थापित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) और कशेरुकाओं (वर्टिब्रा) से जुड़ी गंभीर चोटों का उन्नत इलाज संभव हो सकेगा।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना, ऊंचाई से गिरने या मशीनों से घायल होने वाले गंभीर मरीजों के लिए विशेष स्पाइन सर्जरी सुविधा शुरू की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुभवी चिकित्सकों के साथ-साथ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की भी व्यवस्था की जा रही है। यह यूनिट हड्डी रोग विभाग के अंतर्गत संचालित होगी।
पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. नरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्पेशल स्पाइन सर्जरी यूनिट के संचालन के लिए 39 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, 24 स्टाफ नर्स, उच्च वर्गीय लिपिक तथा अन्य आवश्यक कर्मियों के पद शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हड्डी विभाग के अंतर्गत स्थापित होने वाली यह स्वतंत्र स्पाइनल सब-यूनिट रीढ़ एवं हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों और चोटों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस सुविधा से न केवल बिहार बल्कि देश के अन्य राज्यों के मरीजों को भी उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नई यूनिट में मिनिमल इनवेसिव एंडोस्कोपिक सर्जरी, स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन, काइफोसिस (कुबड़ापन) सहित रीढ़ की हड्डी से संबंधित विभिन्न जटिल रोगों और चोटों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से राज्य में ट्रॉमा और स्पाइन चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा मिलेगी तथा मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी यह यूनिट महत्वपूर्ण योगदान देगी।